Noida Drug Bust: नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में नशे के कारोबार के एक बड़े और चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने शातिर गांजा तस्कर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया. अशोक कुमार पर आरोप है कि वह हर्बल दवाओं की आड़ में ओडिशा से गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़ और आसपास के जिलों में इसे सप्लाई कर रहा था.
पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से करीब 18 किलो अवैध गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 3.5 लाख रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक स्विफ्ट कार भी पुलिस ने बरामद की है, जो तस्करी के इस नेटवर्क को चलाने में इस्तेमाल हो रही थी.
Zero Tolerance Against Crime–
— POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR (@noidapolice) December 28, 2025
गांजा तस्करी करने वाला शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर थाना एक्सप्रेस-वे पुलिस द्वारा कब्जे से 18 किलोग्राम गांजा (कीमत लगभग 03 लाख 50 हजार रुपये) व तस्करी में प्रयुक्त कार बरामद किए गये हैं।#WellDoneCops#NoidaPolice pic.twitter.com/nTVBevg2TY
पुलिस ने किस तरह की कार्रवाई की?
पुलिस के मुताबिक, अशोक कुमार को गिरफ्तार करने के बाद उसकी गिरफ्तारी के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं. यह मामला तब सामने आया जब एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई की. तस्कर अशोक कुमार को पकड़ा गया, तो उसके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ. पुलिस ने बताया कि यह गांजा ओडिशा से लाकर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में बेचा जा रहा था, और यह तस्करी का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था.
अशोक कुमार का आपराधिक इतिहास
पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि अशोक कुमार हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आया था. जेल से बाहर आते ही उसने दोबारा गांजा तस्करी शुरू कर दी थी और इस बार उसने नया गैंग बना लिया था. इसके जरिए वह गांजे की सप्लाई को और बड़े पैमाने पर फैलाने की कोशिश कर रहा था. सूत्रों के अनुसार, अशोक नोएडा में एक नया नेटवर्क तैयार कर रहा था, जिसमें वह खुद को हर्बल दवाओं का सप्लायर बताकर गांजे की खेप सप्लाई कर रहा था.
गांजा तस्करी की तकनीकी योजना
अशोक कुमार और उसके गैंग द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली तस्करी की तकनीक भी चौंकाने वाली है. पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि गांजे को 30 बोरियों में जड़ी-बूटियों के बीच छिपाकर लाया जाता था. इससे तस्करों को यह फायदा मिलता था कि कोई भी इस गांजे को आसानी से पहचान नहीं सकता था और ना ही पुलिस को इस तस्करी का पता चलता था. यह एक जालसाजी और छिपाने की सटीक योजना थी, जो पुलिस को तस्करी के इस नेटवर्क को पकड़ने में चुनौती देती थी.
नोएडा और आसपास के इलाकों में सप्लाई का बड़ा नेटवर्क
अशोक कुमार की तस्करी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि यह नेटवर्क केवल नोएडा तक सीमित नहीं था, बल्कि यह पूरे दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में फैला हुआ था. गाजियाबाद, अलीगढ़ और आसपास के जिलों में गांजे की सप्लाई की जाती थी. पुलिस इस मामले में अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन इलाकों में गांजे की सप्लाई का नेटवर्क किस-किस के साथ जुड़ा हुआ है और इसका पैमाना कितना बड़ा है.
गांजा तस्करी से जुड़े अन्य आरोप और गैंगस्टर एक्ट
पुलिस ने इस मामले में सात अन्य लोगों पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया है. इन सात आरोपियों में कुछ ऐसे लोग शामिल हैं जो तस्करी में अशोक कुमार के सहायक थे और इस नेटवर्क को फैलाने में उसकी मदद कर रहे थे. पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि सभी प्रमुख सदस्य गिरफ्तार हो जाएं.
अशोक कुमार का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, अशोक कुमार का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है. वह पहले भी शराब और गांजे की तस्करी के आरोप में जेल जा चुका है. 2017 में, अशोक कुमार को बिसरख और अन्य थानों से शराब और गांजे की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था और उसे जेल भेजा गया था. जेल से छूटने के बाद, उसने फिर से नशे के कारोबार में वापसी की, लेकिन इस बार उसने खुद को हर्बल दवाओं का सप्लायर बताकर अपना काम जारी रखा.
नोएडा बन रहा नशे का हब
पुलिस का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में बड़ी संख्या में छात्र, आईटी कंपनियां और बाहर से आए लोग रहते हैं, और यही कारण है कि तस्कर यहां नशे का कारोबार फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. गांजा अब ट्रेन, सड़क और यहां तक कि ऑनलाइन माध्यमों से भी बेचा जा रहा है. इसके अलावा, डार्क वेब और सोशल मीडिया के जरिए भी गांजा और अन्य ड्रग्स की तस्करी की जा रही है. पुलिस इस समय अशोक कुमार के नेटवर्क को खंगाल रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि उसका पूरा गिरोह गिरफ्तार हो.
पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की योजना
पुलिस का कहना है कि अब तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और विशेष ध्यान सोशल मीडिया और डार्क वेब जैसे नए रास्तों पर होगा, जिनके जरिए नशे का कारोबार फैलाया जा रहा है. पुलिस की प्राथमिकता अब यह सुनिश्चित करना है कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी सदस्य पकड़ में आ जाएं और इस प्रकार के कारोबार को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके. पुलिस का दावा है कि जल्दी ही इस गिरोह के अन्य सदस्य भी गिरफ्तार किए जाएंगे और नोएडा में तस्करी के इस नेटवर्क को पूरी तरह से समाप्त किया जाएगा.
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