Paris Violence: पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) ने चैंपियंस लीग फाइनल में आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. जीत के बाद टीम और उसके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन यह जश्न कुछ ही घंटों में हिंसा और हंगामे में बदल गया.
जश्न के बीच बिगड़े हालात
मैच खत्म होने के बाद पेरिस के मशहूर एफिल टॉवर को पीएसजी के रंगों से सजाया गया. वहीं हजारों समर्थक सड़कों पर जश्न मनाने के लिए उतर आए. लेकिन देर रात कई इलाकों में तोड़फोड़, आगजनी और हंगामे की घटनाएं सामने आने लगीं.
एक की मौत, सैकड़ों गिरफ्तार
रविवार सुबह तक हालात काफी बिगड़ चुके थे. इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई. पुलिस ने 780 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया. इसके अलावा 264 से अधिक वाहनों में आग लगा दी गई.
Allahu Akbar Paris
— The Chronology (@TheChronology__) May 31, 2026
Muslims doing riots and burning shops in Paris.
The violence began with PSG’s victory over Arsenal in a football match. What started as football hooliganism was quickly overtaken by groups from nearby Muslim neighborhoods, who escalated the situation into… pic.twitter.com/X9Xhp1YLeg
सड़कों पर आगजनी और तोड़फोड़
शहर के कई हिस्सों में लोगों ने फ्लेयर जलाए, वाहनों को नुकसान पहुंचाया और दुकानों के शीशे तोड़ दिए. कुछ जगहों पर एक बेकरी और रेस्तरां को भी नुकसान पहुंचने की खबर है.
पुलिस पर भी हुए हमले
पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर भी चीजें फेंकीं. स्टेडियम के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और कुछ समर्थकों ने अंदर घुसने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया.
पहले से थी सुरक्षा की तैयारी
संभावित गड़बड़ी को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की थी. पूरे फ्रांस में करीब 22 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे. इनमें से 8 हजार सिर्फ पेरिस में मौजूद थे. सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे और कुछ इलाकों में बस व ट्राम सेवाओं पर भी असर पड़ा.
गृह मंत्री ने जताई नाराजगी
फ्रांस के गृह मंत्री ने हिंसा की घटनाओं पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं और ऐसी घटनाएं किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकतीं. हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कई जगह आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में फ्लेयर और आतिशबाजी का सामान भी जब्त किया गया.
आर्सेनल का टूटा सपना
दूसरी तरफ आर्सेनल के लिए यह हार काफी निराशाजनक रही. टीम लंबे समय बाद चैंपियंस लीग के फाइनल में पहुंची थी, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई.
जीत की परेड होगी जारी
हिंसा की घटनाओं के बावजूद पीएसजी की जीत का जश्न जारी रहेगा. टीम के खिलाड़ियों की विजय परेड आयोजित की जाएगी. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी टीम के सम्मान में एक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं.
राजनीति में भी उठा मुद्दा
घटनाओं के बाद कई नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. कुछ नेताओं का कहना है कि खेल में जीत का जश्न हिंसा में नहीं बदलना चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है.
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़ी फुटबॉल जीत के बाद हिंसा देखने को मिली हो. इससे पहले भी यूरोप में कई बार बड़े फुटबॉल मुकाबलों के बाद समर्थकों और पुलिस के बीच झड़पें हो चुकी हैं.
ये भी पढ़ें- हिमाचल प्रदेश नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा, 4 में से 3 निगमों पर किया कब्जा, पालमपुर में कांग्रेस की जीत