कड़ाके की सर्दी में भी धधक रहे उत्तराखंड के जंगल, नंदा देवी नेशनल पार्क में क्यों भड़की आग? जानें वजह

उत्तराखंड में इस वर्ष के फायर सीजन की शुरुआत से पहले ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है. शुष्क मौसम के कारण सूखी पत्तियां और लकड़ियां आग को फैलाने में सहायक बन रही हैं.

forests of uttarakhand are burning nanda devi biosphere reserve
Image Source: Social Media

देहरादून: उत्तराखंड में इस वर्ष के फायर सीजन की शुरुआत से पहले ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है. शुष्क मौसम के कारण सूखी पत्तियां और लकड़ियां आग को फैलाने में सहायक बन रही हैं. चमोली जिले के नंदा देवी बायोस्फियर रिज़र्व और फूलों की घाटी में पिछले एक हफ्ते से लगी आग ने वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा कर दी है. इस समय आग पर काबू पाना बेहद कठिन हो रहा है, और स्थिति गंभीर होती जा रही है.

आग पर काबू पाना मुश्किल

आग पर काबू पाने के लिए वायु सेना का हेलीकॉप्टर भी ज्योर्तिमठ पहुंच चुका है. जंगल में जिस स्थान पर आग लगी है, वहां खड़ी चट्टाने हैं, और इन पर चढ़कर वहां तक पहुंचना वन कर्मियों के लिए बेहद कठिन है. ऐसे में, वायु सेना ने अपने एमआई-17 हेलीकॉप्टर को तैनात किया है, लेकिन ऑपरेशन बाम्बी बकेट शुरू नहीं किया गया है. फिलहाल यह हेलीकॉप्टर दो-तीन दिन तक ज्योर्तिमठ में ही तैनात रहेगा.

आग की गंभीरता और वन विभाग की कोशिशें

नंदा देवी बायोस्फियर रिज़र्व और फूलों की घाटी में पिछले एक सप्ताह से आग धधक रही है. दूर से ही जंगलों में धुएं का गुबार उठता हुआ देखा जा सकता है. वन विभाग की टीमें आग को नीचे की ओर फैलने से रोकने की कोशिशों में जुटी हुई हैं, लेकिन जंगल की चोटी में लगी आग को बुझाने में सफलता नहीं मिल पा रही है. वन कर्मियों का मानना है कि यह आग स्वयं ही बुझ सकती है, लेकिन गुरुवार को यह आग हरे पेड़ों तक पहुंच गई, जिससे स्थिति और भी विकट हो गई है.

आग के फैलने की वजह

केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी, सर्वेश कुमार के अनुसार, जंगल में आग फैलने की मुख्य वजह सूखे पेड़ों का जलकर गिरना है. आग ने पहले सूखे पेड़ों को जलाया और फिर इससे आग और फैलने लगी. जंगल के निचले हिस्से में आग को फैलने से रोकने के लिए वन कर्मी और श्रमिक लगातार काम कर रहे हैं. इसके साथ ही, हेलीकॉप्टर की तैनाती भी जारी है, ताकि चोटी तक पहुंचकर आग को नियंत्रित किया जा सके.

13000 फीट की ऊंचाई पर आग की चुनौती

नंदा देवी नेशनल पार्क के पेनखंडा और भ्यूंडार रेंज की पहाड़ियों पर 9 जनवरी को आग लगने की जानकारी सामने आई थी. यह क्षेत्र लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, और अलकनंदा और लक्ष्मण गंगा नदियों के बीच खड़ी चट्टानों के कारण वन विभाग के कर्मचारियों के लिए वहां पहुंचना अत्यंत कठिन हो रहा है. एसडीआरएफ भी इस स्थान पर पहुंचने में असमर्थ है.

वायु सेना का हेलीकॉप्टर रहेगा तैनात 

ज्योर्तिमठ के उप जिलाधिकारी, चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि वायु सेना का हेलीकॉप्टर फिलहाल ज्योर्तिमठ में स्टैंडबाय पर रखा गया है. हालांकि, आग बुझाने के लिए फिलहाल हेलीकॉप्टर से कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है. हेलीकॉप्टर की तैनाती दो से तीन दिनों तक इसी स्थान पर रहेगी, और वन विभाग के साथ मिलकर स्थिति का आंकलन किया जाएगा.

ये भी पढ़ें: UCC में संशोधन को मंजूरी, उपनल कर्मचारियों को समान वेतन, धामी कैबिनेट की बैठक में 19 प्रस्तावों पर मुहर