यूपी के इस जिले में रहस्यमयी बीमारी का कहर, एक हफ्ते में 5 मासूमों की मौत, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

Kushinagar News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में पिछले 24 घंटों में दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है. यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है.

Five children died in a week due to a mysterious illness in Kushinagar up
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Kushinagar News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में पिछले 24 घंटों में दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है. यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है. एक सप्ताह में पांच बच्चों की मौत और दर्जनों बच्चों में बुखार, खांसी के लक्षणों के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गए हैं. ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है, और पूरा इलाका स्वास्थ्य संकट के बीच गुजर रहा है.

पिपरा खुर्द दलित बस्ती में बुखार और खांसी से दो मासूमों की मौत

पिपरा खुर्द की दलित बस्ती में पिछले 24 घंटों में 7 साल के सागर और 3 साल के अंश की मौत हो गई. दोनों को पहले बुखार और खांसी जैसे लक्षण दिखे, और फिर झटके आने लगे. परिजनों ने बताया कि कई दिनों से बच्चे बीमार थे और पहले झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया था. इसके बाद CHC भेजा गया, लेकिन वहां भी लापरवाही बरती गई. अंत में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दोनों बच्चों की मौत हो गई. बच्चों की मौत ने पूरे इलाके में गहरा सदमा दिया है, खासतौर पर तब जब स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता को लेकर लोगों में अविश्वास बढ़ रहा है.

गंभीर स्वास्थ्य संकट, प्रशासन ने कैम्प किया शुरू

मासूमों की मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने गांव में तत्काल कैंप लगा दिया है. अब तक 110 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 7 बच्चों में संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में निगरानी रख रही है और बच्चों का इलाज भी किया जा रहा है. साथ ही, स्वच्छता, जल निकासी और साफ पेयजल की कमी जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जो महामारी के फैलने में मदद कर सकते हैं.

कुशीनगर डीएम की प्रतिक्रिया, "स्थिति पर नियंत्रण"

कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण रखा जा रहा है. अब तक 800 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारी के लक्षण पाए गए हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह बीमारी मनुष्य से मनुष्य में नहीं फैलती, लेकिन फिर भी लोगों को इस विषय में जागरूक किया जा रहा है. मेडिकल टीम 24 घंटे गांव में निगरानी रखे हुए है और उपचार के साथ-साथ सफाई और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया भी जारी है.

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, मौतों ने बढ़ाई चिंता

फिर भी, एक सप्ताह में पांच बच्चों की मौत ने कुशीनगर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता, पानी और चिकित्सा की सही सुविधाएं ना होने के कारण ऐसे हादसे बढ़ सकते हैं. प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार हो रही बच्चों की मौत ने पूरे क्षेत्र को चिंता में डाल दिया है.

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