Firozabad Murder Case: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई है.
इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए घटना के सिर्फ 6 दिन बाद चार्जशीट दाखिल कर दी थी. वहीं, अदालत ने घटना के 40 दिन के अंदर ही सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया.
सड़क पर पटककर की गई थी मासूम की हत्या
यह घटना 30 मई को फिरोजाबाद के शिकोहाबाद इलाके की यादव कॉलोनी में हुई थी. आरोप है कि बदायूं निवासी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने डेढ़ साल के आरव को सड़क पर पटक-पटक कर मार डाला था. इस घटना के बाद पूरे इलाके में गुस्सा फैल गया था. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. इस घटना ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था.
#WATCH | Uttar Pradesh | The Firozabad District and Sessions Court awarded the death sentence to a man convicted of brutally murdering an 18-month-old toddler. The landmark verdict was delivered by District Judge Dr Babbu Sarang within a record-breaking 40 days of the incident… pic.twitter.com/0O37zwPgUW
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 10, 2026
40 दिन में सुनाया गया फैसला
मामले की सुनवाई तेजी से पूरी की गई. गुरुवार को जिला जज ने आरोपी को दोषी करार दिया था. इसके बाद शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे भारी सुरक्षा के बीच आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायालय, फिरोजाबाद में पेश किया गया. अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों को देखने के बाद आरोपी को फांसी की सजा सुनाई.
पुलिस ने 6 दिन में दाखिल की थी चार्जशीट
सरकारी वकील राजीव प्रियदर्शी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में सिर्फ 6 दिन के अंदर जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी थी. तेजी से हुई जांच और मजबूत सबूतों के कारण केस की सुनवाई भी जल्दी पूरी हो सकी. पुलिस ने अदालत के सामने मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सबूत पेश किए.
13 गवाहों ने रखी अपनी बात
अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाह पेश किए गए. इन गवाहों ने घटना से जुड़े कई अहम तथ्य सामने रखे. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से सिर्फ एक गवाह पेश किया गया. अदालत ने सभी गवाहों के बयान और सबूतों की जांच करने के बाद आरोपी को दोषी माना और सबसे कड़ी सजा सुनाई.
फैसला सुनने के बाद आरोपी ने खुद को मारा थप्पड़
सरकारी वकील राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि जब अदालत ने विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मौत की सजा सुनाई तो आरोपी खुद को थप्पड़ मारने लगा. उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और जघन्य था.
अदालत ने सभी तथ्यों और सबूतों पर विचार करने के बाद यह फैसला दिया. उन्होंने बताया कि पुलिस की तेज कार्रवाई और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के कारण इस मामले का निपटारा सिर्फ 40 दिनों में हो पाया.
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