नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सोमवार को अपना पहला और केजरीवाल सरकार का 10वां बजट पेश किया. मंत्री ने कुल 76 हजार करोड़ का बजट पेश किया. वित्तमंत्री और आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी ने बजट पेश करते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं. उन्होंने महिलाओं के लिए एक और बड़ी राहत दी है. अब दिल्ली में 18 साल की सभी महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये मिलेंगे. आतिशी का यह बजट दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस करने वाला है.
इससे पहले दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने कहा, "आज मैं न सिर्फ केजरीवाल सरकार का 10वां बजट पेश कर रही हूं बल्कि पिछले 10 सालों में दिल्ली की बदलती तस्वीर भी पेश करूंगी..."
अतिशी ने कहा- रामराज्य की अवधारणा पर आधारित है बजट
दिल्ली की वित्तमंत्री आतिशी ने कहा, "यहां उपस्थित हम सभी लोग भगवान राम के जीवन से प्रेरित हैं. राम राज्य के इस सपने को पूरा करने के लिए हम पिछले 9 वर्षों से दिन-रात प्रयास कर रहे हैं. हमने पिछले 9 वर्षों में दिल्ली के लोगों को सुख और समृद्धि प्रदान करने का प्रयास किया है. दिल्ली में 'राम राज्य' स्थापित करने के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है लेकिन पिछले 9 वर्षों में बहुत कुछ किया जा चुका है..."
इससे पहले आप नेता और वितमंत्री रामराज्य की अवधारणा पर तैयार किया गया अपना पहला बजट पेश करने दिल्ली विधानसभा पहुंचीं.
महिलाओं को मिलेंगे 1000 रुपये हर महीने
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उन्होंने बजट पेश करते हुए कहा, "दिल्ली की सभी महिलाओं को बधाई. केजरीवाल सरकार 18 वर्ष से अधिक आयु की हर महिला को देगी ₹1,000/प्रतिमाह की सम्मान राशि. बहन बेटियों को घर के बड़े हाथ में पैसे रखते हैं.
उन्होंने कहा अरविंद केजरीवाल @ArvindKejriwal दिल्ली परिवार के बड़े के तौर पर दिल्ली की बहन-बेटियों के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठा रहे हैं.
आतिशी ने 76 हजार करोड़ का बजट पेश किया
दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने कहा, "2014-15 में दिल्ली की जीएसडीपी 4.95 लाख करोड़ रुपए थी और पिछले दस साल में दिल्ली की जीएसडीपी करीब ढाई गुना बढ़कर 11.08 लाख करोड़ रुपये हो गए है। 2014-15 में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 2.47 लाख रुपए थी और 2023-24 में ये 4.62 लाख हो गई है जो राष्ट्रीय औसत से ढाई गुना ज्यादा है...आज मैं 76,000 करोड़ रुपए का बजट पेश करने जा रही हूं..''
अस्पतालओं की बेड संख्या 9523 से 13708 हुई
आतिशी ने केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए काम की जानकारी देते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार के अंतर्गत 38 अस्पताल हैं. हर रोज़ ओपीडी में 81,000 और आईपीडी में 65000 लोगों का मुफ़्त इलाज होता है. अस्पतालों में Bed की संख्या 2014: 9,523 थी और अब बढ़कर 13,708 हो गई है.
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'मजदूरी करने वाला बच्चा आज एमबीबीएस कर रहा'
शिक्षा के क्षेत्र में केजरीवाल सरकार के काम को गिनाते हुए वित्तमंत्री आतिशी ने कहा, "आजादी से लेकर 2014/15 तक की सरकारों में सरकारी स्कूलों में केवल 24,000 कमरे मिल पाए बच्चों को. लेकिन, सिर्फ 9 साल में, 22,711 नए कमरे बनाए हैं. स्कूलों में काया पलट हुआ है, Private स्कूलों को पीछे छोड़ा है."
उन्होंने कहा, "गरीब का बच्चा दिल्ली का नामी गिरामी Doctor बनेगा, ये है Kejriwal Model है. 11वीं में नंदनगरी के सरकारी स्कूल में पढ़ रहे Himanshu के पिता की मौत हो गई थी. घर चलाने के लिए स्कूल के बाद मजदूरी करता था. उसने सरकारी स्कूल में शिक्षा के सहारे NEET Clear किया, आज Maulana Azad College से MBBS कर रहा है."
आतिशी ने कहा, "पिछले 8 साल से दिल्ली के सरकारी स्कूलों का रिजल्ट प्राइवेट स्कूलों से अच्छा आ रहा है पिछले 3 साल में 4 Lakh बच्चों ने private School छोड़ कर सरकारी स्कूलों में एडमिशन लिया है."
स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सिलेंस की शुरुआत
वितमंत्री ने कहा, "केजरीवाल सरकार ने गरीब बच्चों को भी World Class शिक्षा देने के लिए School Of Specialised Excellence की शुरुआत की है. आज दिल्ली में 38 Campus हैं. इन स्कूलों में 6,000 Seats में एडमिशन के लिए 1,40,000 बच्चों ने Apply किया है. इसके अलावा Armed Forces Preparatory School, Delhi Sports School और Delhi Model Virtual School भी हैं. ये गर्व की बात है कि Armed Forced Preparatory school के पहले ही बैच के 76 बच्चों में से 32 बच्चों ने UPSC द्वारा आयोजित NDA की लिखित परीक्षा को पास की."
केजरीवाल सरकार ने शिक्षा का बजट दोगुना किया
उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने आते ही शिक्षा का बजट दोगुना कर दिया था.
शिक्षा का Budget 2014-2015: 6554 Crore था. 2024-2025: 16,396 Crore का प्रावधान किया गया है.
आतिशी ने कहा, "केजरीवाल जी को शिक्षा क्रांति ने स्कूलों का कायाकल्प कर दिया है. आज सरकारी स्कूल से पढ़ा बच्चा हर ऊँचाई को छू सकता है रोहिणी के सेक्टर 23 के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली Shilpy के पिता जी एक फैक्ट्री में नौकरी करते हैं. आज शिल्पी ने सरकारी स्कूल से पढ़ कर IIT में Chemical Engineering कर रही है. आने वाले समय में वो एक ख़ुद एक फैक्ट्री की Managing director बनेगी."
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