Maharashtra Flood Relief: महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत की आस उस समय और प्रबल हो गई, जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अल्हियानगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पूरी तरह से किसानों के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार किसानों की समस्याओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट भेजती है, तो केंद्र सरकार तुरंत सहायता प्रदान करेगी.
शनिवार को अमित शाह ने महाराष्ट्र के तीन प्रमुख नेताओं, देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ एक अहम बैठक की. इस बैठक में किसानों के मुद्दों और राहत उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई.
“केंद्र कर रहा है इंतजार, राज्य सरकार भेजे रिपोर्ट”
अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि केंद्र मदद के लिए तैयार है, लेकिन प्रक्रियागत रूप से राज्य सरकार की रिपोर्ट आवश्यक है. उन्होंने स्पष्ट किया, “हम एक-एक किसान के आंसू पोछना चाहते हैं, लेकिन केंद्र की मदद तभी प्रभावी होगी जब महाराष्ट्र सरकार केंद्र को रिपोर्ट भेजे.”
“जनता ने चुनी संवेदनशील सरकार”
सभा के दौरान गृहमंत्री ने महाराष्ट्र की जनता का धन्यवाद भी किया कि उन्होंने एक ऐसी सरकार को चुना है जो किसानों की पीड़ा को गंभीरता से लेती है. उन्होंने एनडीए के विधायकों की भी सराहना की, जिन्होंने अपनी एक महीने की सैलरी किसानों की सहायता के लिए राहत कोष में दान की है.
एकनाथ शिंदे की संवेदनशील अपील
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी बाढ़ प्रभावित किसानों को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा, “हर साल दशहरा उत्सव का समय होता है, लेकिन इस बार किसानों की आंखों में आंसू हैं... खेत बर्बाद हो गए हैं. सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है ताकि किसानों को राहत मिल सके.” राज्य सरकार की ओर से भी आपदा राहत कार्यों में तेजी लाई जा रही है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए केंद्र की भूमिका बेहद अहम है.
यह भी पढ़ें- “वो कमरा मेरा है, उसमें मेरी मेज़-कुर्सी रखी है”, PoK पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिया बड़ा बयान