“वो कमरा मेरा है, उसमें मेरी मेज़-कुर्सी रखी है”, PoK पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिया बड़ा बयान

Mohan Bhagwat On PoK: सतना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर एक तीखा और भावनात्मक बयान दिया.

Sangh chief Mohan Bhagwat gave a big statement on PoK know more
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Mohan Bhagwat On PoK: सतना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर एक तीखा और भावनात्मक बयान दिया. उन्होंने PoK को भारत के "घर का एक कमरा" बताते हुए कहा कि यह हिस्सा भारत का ही है, जिस पर किसी और ने कब्ज़ा कर लिया है, और समय आने पर उसे वापस लेना ही होगा. उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया.

भागवत ने अपने संबोधन में सिंधी समुदाय का विशेष रूप से ज़िक्र करते हुए कहा कि विभाजन के बाद परिस्थितियों ने उन्हें इस घर (भारत) में ला खड़ा किया, लेकिन असल में “वो और ये घर अलग नहीं हैं. पूरा भारत एक है.” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “हमारे घर का एक कमरा किसी ने कब्जा लिया है. उसमें मेरी मेज़, कुर्सी, कपड़े रखे हैं. अब समय आएगा जब हमें वह कमरा वापस लेना होगा.” यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हालात अस्थिर हैं और लोग खुद पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं.

POK में जनता का गुस्सा, पाकिस्तान सरकार पर टूट पड़ा

भागवत का बयान उस वक्त आया है जब PoK में जनता व्यापक विरोध प्रदर्शन कर रही है. आर्थिक असमानता, राजनीतिक भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के खिलाफ हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी अवामी एक्शन कमेटी (AAC) के बैनर तले विरोध जता रहे हैं.

तीन दिनों से जारी इन आंदोलनों में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक घायल हुए हैं. बाग जिले के धीरकोट में चार प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने गोली चलाई. मुअज्जफराबाद, दादयाल और चम्याती जैसे क्षेत्रों से भी हिंसक झड़पों की खबरें आ रही हैं. यह साफ संकेत है कि PoK में आम नागरिक अब पाकिस्तानी शासन से तंग आ चुके हैं और वे बदलाव की मांग कर रहे हैं.

“भारत ने दिखाई अपनी एकता और ताकत”

इससे पहले गुरुवार को भी मोहन भागवत ने सुरक्षा और रणनीतिक नीतियों को लेकर अपने विचार साझा किए थे. पहलगाम आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति की परीक्षा थी.

उन्होंने कहा, "यह समय था यह देखने का कि वैश्विक मंच पर कौन हमारे सच्चे साथी हैं. हमारे राजनीतिक नेतृत्व और सेना ने जिस निडरता से जवाब दिया, वह भारत की एकता और ताकत को पूरी दुनिया के सामने ले आया."

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