Delhi Winter Pollution Plan: दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण बहुत बढ़ जाता है. कई दिनों तक एयर क्वालिटी 'बहुत खराब' या उससे भी खराब स्तर पर पहुंच जाती है. इसी समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने इस साल 'विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क' लागू करने का फैसला किया है. इस प्लान के तहत लोगों को कई नए नियमों का पालन करना होगा.
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि जिन वाहन मालिकों के पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें दिल्ली के पेट्रोल पंपों से पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी नहीं मिलेगी. यानी अब वाहन चलाने के लिए वैध PUC सर्टिफिकेट होना जरूरी होगा. इसके अलावा सर्दियों के दौरान सरकारी और निजी दफ्तरों में सिर्फ 50 फीसदी कर्मचारी ही ऑफिस आएंगे. बाकी कर्मचारी घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे.
पार्किंग होगी महंगी
निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के लिए दिल्ली में अधिकृत पार्किंग स्थलों का शुल्क दोगुना किया जाएगा. सरकार चाहती है कि लोग अपनी कार की जगह बस, मेट्रो और दूसरे सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करें.
साथ ही सर्दियों के दौरान दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड नॉन-BS-VI वाहनों की एंट्री पर भी रोक रहेगी. हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन, सीएनजी वाहन और एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को इस नियम से छूट मिलेगी.
सर्दियों में लागू होंगे ये नियम
हर साल लागू होगा यह प्लान
दिल्ली सरकार का कहना है कि अब यह विंटर प्लान हर साल सर्दियों से पहले लागू किया जाएगा. सर्दियों में दिल्ली का प्रदूषण स्तर तेजी से बढ़ जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने और स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
सरकार के अनुसार यह योजना 1 नवंबर 2026 से लागू होगी. नवंबर से फरवरी के बीच प्रदूषण सबसे ज्यादा रहता है, इसलिए पहले से तैयारी शुरू की जाएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इस प्लान को समय से पहले लागू किया जाएगा, ताकि आम लोग, व्यापारी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग नए नियमों के लिए पहले से तैयार हो सकें.
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