Etawah News: इटावा के जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला भगत गांव का 21 वर्षीय अंकुश यादव इन दिनों एक ऐसी परेशानी से गुजर रहा है, जिसने उसके साथ-साथ पूरे परिवार की चिंता बढ़ा दी है. अंकुश और उसके परिजनों का दावा है कि पिछले करीब 20 दिनों में उसे लगभग छह बार सांप काट चुका है. हर घटना के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और सोमवार शाम वह एक बार फिर इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचा.
छह बार सांप काटने का दावा
अंकुश यादव अर्जेश यादव का इकलौता बेटा है और उसकी तीन बहनें हैं. उसके पिता किसान हैं, जबकि अंकुश खुद गुरुग्राम में एक कॉल सेंटर में काम करता है. परिवार के मुताबिक, पिछले महीने घर लौटने के बाद से उसके साथ लगातार सांप के काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं. बार-बार ऐसी घटनाओं के कारण परिवार के लोग भी डर और चिंता के माहौल में हैं.
हर बार काले सांप को देखने की बात
अंकुश का कहना है कि करीब 20 दिनों के दौरान जब भी उसे सांप ने काटा, उसने काले रंग के सांप को अपनी आंखों से देखा. उसने बताया कि कुछ दिन पहले वह अपने दोस्त के साथ नवा टेड़ा गांव स्थित मौसी के घर गया था, जहां भी उसे सांप ने काट लिया. इसके बाद उसे सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां करीब दो दिन तक उसका उपचार चला.
सोमवार को फिर जिला अस्पताल पहुंचा युवक
सोमवार शाम करीब सात बजे अंकुश अपने पिता, चाचा और गांव के कुछ लोगों के साथ इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचा. परिवार ने डॉक्टरों को बताया कि युवक को पिछले 20 दिनों में करीब छह बार सांप काट चुका है. लगातार सामने आ रही इस तरह की घटनाओं के कारण अस्पताल में भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और परिवार युवक की सुरक्षा को लेकर परेशान है.
डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया
जिला अस्पताल के इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. ओमकांत राजपूत के मुताबिक, अंकुश पिछले दो-तीन बार अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार के लिए आ चुका है. सोमवार को भी उसने पैर में सांप के काटने की बात बताई. डॉक्टर के अनुसार, युवक को फिलहाल रात में निगरानी में रखा गया है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
एंटी वेनम को लेकर डॉक्टर बरत रहे सावधानी
लगातार सांप के काटने की जानकारी सामने आने के कारण इलाज के दौरान चिकित्सकों को भी विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है. परिवार हर बार सांप के काटने की बात बता रहा है, इसलिए एंटी वेनम और टिटनिस जैसे उपचार को लेकर डॉक्टर मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय जरूरत के आधार पर फैसला कर रहे हैं. फिलहाल युवक को मेडिकल निगरानी में रखा गया है.
परिवार ने भगत से भी मांगी मदद
अंकुश के चाचा राजेंद्र कुमार ने बताया कि लगातार हो रही घटनाओं के बाद परिवार उसे एक भगत के पास भी लेकर गया था. परिजनों को उम्मीद थी कि वहां से इस परेशानी का कोई समाधान मिल सकता है, लेकिन उनके मुताबिक भगत ने भी मामले में मदद करने से इनकार कर दिया. इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है.
सर्प विशेषज्ञ ने जताई दूसरी संभावना
सर्पमित्र विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी ने इस मामले में अलग संभावना जताई है. उनका कहना है कि युवक जिस तरह लगातार सांप के काटने की घटनाएं बता रहा है, उससे यह जरूरी नहीं माना जा सकता कि हर बार वास्तव में सांप ने ही काटा हो. उन्होंने संभावना जताई कि युवक स्नेक बाइट फोबिया यानी सांप के काटने के डर से जुड़ी स्थिति का सामना कर रहा हो सकता है.
चोट को सांप का काटना समझने की आशंका
डॉ. आशीष त्रिपाठी के मुताबिक, स्नेक बाइट फोबिया की स्थिति में शरीर पर किसी चोट, निशान या अचानक हुए किसी अहसास को व्यक्ति सांप के काटने से जोड़ सकता है. हालांकि अंकुश लगातार सांप देखने का दावा कर रहा है, इसलिए पूरे मामले की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए चिकित्सकीय निगरानी और उचित जांच जरूरी है. फिलहाल युवक का इलाज जारी है और परिवार को उम्मीद है कि जल्द इस रहस्य का कारण सामने आएगा.
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