EPS Pension Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के तहत हायर पेंशन का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत की खबर है. बढ़ी हुई पेंशन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद कई क्लेम लंबे समय से पेंडिंग थे. पुराने रिकॉर्ड की जांच और कंपनियों की ओर से वेरिफिकेशन में देरी के कारण भी आवेदन अटके हुए थे.
अब इन पेंडिंग क्लेम को जल्द निपटाने के लिए EPFO ने काम तेज कर दिया है. केंद्र सरकार की ओर से भी अधिकारियों को समय पर मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके लिए EPFO ने चार बड़े कदम उठाए हैं, जिससे हायर पेंशन के आवेदन की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया को तेज किया जा सके.
ऑनलाइन पोर्टल से आसान हुआ आवेदन
EPFO ने पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए हायर पेंशन का जॉइंट ऑप्शन जमा करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा शुरू की है. इससे आवेदन की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान हुई है. कागजी काम कम होने के साथ आवेदनों को एक जगह से ट्रैक करने की सुविधा भी मिलती है. इससे आवेदन की शुरुआती प्रक्रिया में लगने वाला समय कम करने में मदद मिली है.
पुराने रिकॉर्ड का किया जा रहा वेरिफिकेशन
हायर पेंशन के लिए पुराने वेतन और PF योगदान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच बेहद जरूरी है. इसी वजह से EPFO ने रिकॉर्ड की जांच के लिए एक तय प्रक्रिया अपनाई है. इसमें कंपनी की ओर से दिए गए पुराने वेतन और योगदान के रिकॉर्ड को EPFO के पास मौजूद जानकारी से मिलाया जाता है.
इससे यह पता लगाया जाता है कि कर्मचारी का वास्तविक वेतन और PF योगदान सही है या नहीं. इस प्रक्रिया का मकसद यह है कि पेंशन की गणना सही तरीके से हो और किसी तरह की गलती की संभावना कम रहे.
क्षेत्रीय कार्यालयों को दिए गए सख्त निर्देश
हायर पेंशन के मामलों को जल्द निपटाने के लिए EPFO के जोनल और क्षेत्रीय कार्यालयों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. क्षेत्रीय अधिकारियों को कहा गया है कि वे नियोक्ताओं से जुड़ी समस्याओं को स्थानीय स्तर पर जल्द सुलझाएं.
इसके साथ ही पात्र मामलों को तय समय के अंदर आगे बढ़ाने और निपटाने पर जोर दिया जा रहा है. इससे उन फाइलों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है जो कंपनी या रिकॉर्ड से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं के कारण लंबे समय से अटकी हुई हैं.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो रही निगरानी
EPFO के वरिष्ठ अधिकारी अब हायर पेंशन के मामलों की नियमित निगरानी भी कर रहे हैं. इसके लिए जोनल और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की जाती है. इन बैठकों में यह देखा जाता है कि कितने क्लेम का निपटारा हुआ और कितने आवेदन अभी बाकी हैं.
अगर किसी कार्यालय में काम की रफ्तार कम है या कोई समस्या सामने आ रही है, तो उसे दूर करने के लिए तुरंत निर्देश दिए जाते हैं. इससे अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हो रही है और पेंडिंग मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
आखिर क्यों अटक गए थे हायर पेंशन के इतने आवेदन?
नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पात्र कर्मचारियों को वास्तविक वेतन के आधार पर हायर पेंशन चुनने का विकल्प मिला था. इसके बाद EPFO के पास बड़ी संख्या में आवेदन पहुंचे.
इतने ज्यादा आवेदन आने के कारण उनकी जांच में समय लगा. इसके अलावा कई कर्मचारियों के पुराने PF रिकॉर्ड में अंतर या गलतियां थीं. कुछ मामलों में कंपनियों की ओर से वेरिफिकेशन में भी देरी हुई.
पुराने रिकॉर्ड को दोबारा जांचना और वेतन व योगदान की जानकारी का मिलान करना भी एक लंबी प्रक्रिया रही. इन सभी वजहों से कई हायर पेंशन क्लेम क्षेत्रीय कार्यालयों में पेंडिंग हो गए.
अब क्या होगा पेंशनरों को फायदा?
EPFO की ओर से उठाए गए इन कदमों का मकसद हायर पेंशन के पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाना है. ऑनलाइन प्रक्रिया, रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन, क्षेत्रीय कार्यालयों की निगरानी और वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित समीक्षा से क्लेम की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है.
जिन कर्मचारियों और पेंशनरों के आवेदन सभी जरूरी जांच पूरी होने के बाद पात्र पाए जाएंगे, उनके हायर पेंशन से जुड़े भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. इसमें बढ़ी हुई मासिक पेंशन के साथ पात्रता के अनुसार एरियर का भुगतान भी शामिल हो सकता है.
हालांकि, हर क्लेम की स्थिति अलग हो सकती है. इसलिए जिन लोगों का आवेदन अभी पेंडिंग है, उन्हें अपने आवेदन की स्थिति और EPFO की ओर से मांगे गए दस्तावेजों की जानकारी समय-समय पर चेक करते रहना चाहिए.
ये भी पढ़ें- PoK में चुनाव के बीच सन्नाटा! कई बूथों पर जीरो वोट, सड़कों पर बड़ी संख्या में सेना तैनात