EPF Scheme: अगर आप नौकरी करते हैं और आपका EPF खाता है, तो आपके लिए एक बड़ा बदलाव आया है. सरकार ने EPF Scheme-2026 लागू कर दी है, जिससे अब पीएफ से पैसा निकालना पहले से आसान हो गया है. यह नियम 29 जून 2026 से लागू हो चुका है.
इस नई व्यवस्था का मकसद है कि जरूरत के समय कर्मचारियों को जल्दी पैसा मिल सके, लेकिन साथ ही उनका रिटायरमेंट फंड भी सुरक्षित रहे.
अब खाते में 25% पैसा रखना जरूरी
नए नियम के मुताबिक, जब भी आप पीएफ से पैसा निकालेंगे, तो खाते में कम से कम 25% बैलेंस बचा रहना जरूरी होगा. यानी आप सिर्फ 75% तक की राशि में से ही निकासी कर पाएंगे. इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान शामिल होगा.
इन 5 जरूरतों के लिए निकाल सकते हैं PF
नई EPF योजना में अब कर्मचारी इन पांच कामों के लिए पैसा निकाल सकते हैं:
1. घर के लिए:
घर खरीदने, बनाने, जमीन लेने, होम लोन चुकाने या मरम्मत के लिए आप पूरा पात्र बैलेंस निकाल सकते हैं.
2. इलाज के लिए:
खुद या परिवार के इलाज के लिए भी पूरा पात्र बैलेंस निकालने की सुविधा है.
3. पढ़ाई के लिए:
अपनी या परिवार की उच्च शिक्षा के लिए 10 बार तक निकासी की अनुमति दी गई है.
4. शादी के लिए:
अपनी या परिवार के सदस्य की शादी के लिए 5 बार तक पीएफ से पैसा निकाला जा सकता है.
5. खास परिस्थितियां:
आर्थिक परेशानी या अन्य तय हालात में भी पूरा पात्र बैलेंस निकालने की सुविधा है.
नौकरी की शर्तें आसान हुईं
पहले अलग-अलग जरूरतों के लिए 2 से 7 साल तक नौकरी की शर्त होती थी. अब ज्यादातर मामलों में सिर्फ 12 महीने की EPF सदस्यता के बाद ही पैसा निकाला जा सकता है.
ऑनलाइन प्रक्रिया आसान
अगर आपका UAN, आधार, बैंक अकाउंट और KYC अपडेट है, तो आप ज्यादातर मामलों में ऑनलाइन ही क्लेम कर सकते हैं. कई मामलों में अब कागज जमा करने की जरूरत नहीं होगी.
क्या पहले जैसा ही रहेगा?
सलाह क्या है?
विशेषज्ञों का कहना है कि EPF को रिटायरमेंट के लिए बचत के रूप में रखना बेहतर है. इसलिए पैसा तभी निकालें जब बहुत जरूरी हो, ताकि भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार हो सके.
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