इजरायल में जोरदार भूकंप से कांपी धरती, डिमोना के पास 4.2 तीव्रता का झटका, न्यूक्लियर टेस्ट की फैली अफवाह

    इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में गुरुवार सुबह भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए. भूकंप की तीव्रता 4.2 रही और इसका केंद्र डिमोना के पास था, जो इजरायल के सबसे संवेदनशील और गोपनीय इलाकों में से एक माना जाता है.

    earthquake in Israel 4.2 magnitude tremor near Dimona Rumors of nuclear test spread
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    तेल अवीव: इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में गुरुवार सुबह भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए. भूकंप की तीव्रता 4.2 रही और इसका केंद्र डिमोना के पास था, जो इजरायल के सबसे संवेदनशील और गोपनीय इलाकों में से एक माना जाता है. इस भूकंप के कारण सोशल मीडिया पर न्यूक्लियर टेस्ट की अफवाहें फैल गईं, जिससे लोगों में असमंजस और चिंता पैदा हो गई. हालांकि, अधिकारियों ने इस मामले में कोई ठोस बयान नहीं दिया है और यह स्पष्ट किया कि यह एक सामान्य भूकंपीय घटना थी.

    भूकंप का केंद्र और घटनास्थल

    गुरुवार की सुबह लगभग 9 बजे (स्थानीय समय) इजरायल में 4.2 तीव्रता का भूकंप महसूस हुआ. इसका केंद्र डिमोना से करीब 19 किलोमीटर दूर डेड सी रिफ्ट वैली में था और भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी, जिसे शैलो भूकंप कहा जाता है. भूकंप के झटके नेगेव रेगिस्तान, डेड सी इलाके, बेयरशेबा और यरूशलेम तक महसूस किए गए. हालांकि, किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन भूकंप के बाद सायरन की आवाजें गूंजने से स्थानीय लोगों में घबराहट फैल गई.

    डेड सी रिफ्ट वैली में भूकंप का सामान्य होना

    इजरायल का डेड सी रिफ्ट वैली भूकंप के लिहाज से एक सक्रिय क्षेत्र है. यह क्षेत्र दो टेक्टॉनिक प्लेट्स के जंक्शन पर स्थित है, जिससे यहां हल्के से मध्यम भूकंप आना सामान्य बात है. ऐसे में भूकंप की घटना कोई अनोखी बात नहीं थी, लेकिन इस बार यह घटना डिमोना के पास हुई, जो इसे असामान्य बना देती है. डिमोना शहर में इजरायल का प्रमुख न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर स्थित है, और यही कारण था कि इस भूकंप को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया.

    न्यूक्लियर टेस्ट की अफवाहें: क्या सच है?

    डिमोना के पास इजरायल का गोपनीय न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर है, जिसे शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के नाम से जाना जाता है. कहा जाता है कि यहां 1960 के दशक से प्लूटोनियम का उत्पादन कर न्यूक्लियर हथियारों का विकास किया जा रहा है. इजरायल कभी भी न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी (NPT) का हिस्सा नहीं रहा और उसने अपनी न्यूक्लियर क्षमता के बारे में कभी भी पूरी जानकारी नहीं दी. इस वजह से किसी भी असामान्य गतिविधि पर सवाल उठाए जाते हैं.

    गुरुवार के भूकंप की शैलो गहराई, अचानक आए झटके की अवधि और उसी समय देशभर में चल रहे इमरजेंसी ड्रिल को देखते हुए सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे न्यूक्लियर टेस्ट का संकेत मान लिया. सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अफवाहें फैलने लगीं, और कुछ लोगों ने इसे इजरायल द्वारा अमेरिका या ईरान को भेजा गया संदेश भी करार दिया. हालांकि, इन अफवाहों का कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं मिला है.

    सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    सोशल मीडिया पर कई लोग इस भूकंप को लेकर कयास लगाने लगे. पूर्व इजरायली फुटबॉलर अलोन मिजराही ने अपने एक्सपोस्ट में लिखा कि डिमोना के पास आया यह छोटा लेकिन असामान्य भूकंप किसी संदेश की ओर इशारा कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल शायद अमेरिका को संकेत दे रहा है. वहीं, अमेरिकी MMA फाइटर जेक शील्ड्स ने भी सवाल उठाया कि क्या यह ईरान को चेतावनी देने का तरीका है. इन दावों को लेकर किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान नहीं आया है, और इजरायल सरकार ने इस घटना को एक सामान्य भूकंपीय गतिविधि बताया है.

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