कानों में जम गई गंदगी? घर में कैसे करें साफ...जानें पीली गंदगी को निकालने का ये तरीका

Ear Cleaning Tips: अक्सर लोग साफ-सफाई को सेहत की गारंटी मान लेते हैं. खासतौर पर नहाने के बाद कान साफ करना हमारी रोजमर्रा की आदत बन चुकी है. कॉटन स्वैब घुमाया, हल्का सा वैक्स निकला और मन को तसल्ली हो गई कि कान पूरी तरह साफ हैं.

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Ear Cleaning Tips: अक्सर लोग साफ-सफाई को सेहत की गारंटी मान लेते हैं. खासतौर पर नहाने के बाद कान साफ करना हमारी रोजमर्रा की आदत बन चुकी है. कॉटन स्वैब घुमाया, हल्का सा वैक्स निकला और मन को तसल्ली हो गई कि कान पूरी तरह साफ हैं. लेकिन यही तसल्ली धीरे-धीरे सुनने की क्षमता, दर्द और इंफेक्शन की वजह बन सकती है.

असल में कान का मैल यानी ईयरवैक्स कोई गंदगी नहीं, बल्कि शरीर की एक प्राकृतिक ढाल है. यह कान के भीतर धूल, बैक्टीरिया और फंगस को अंदर जाने से रोकता है और कान को सुरक्षित रखता है. समस्या तब शुरू होती है जब यह वैक्स जरूरत से ज्यादा जमा हो जाए या हम इसे गलत तरीके से निकालने की कोशिश करें.

कैसे समझें कि कान में वैक्स ज्यादा जमा हो गया है

ईएनटी विशेषज्ञों के अनुसार, जब कान में जरूरत से ज्यादा वैक्स भर जाता है, तो इसके संकेत साफ नजर आने लगते हैं. कान में भारीपन महसूस होना, हल्का या तेज दर्द, आवाज ठीक से न सुनाई देना, कान बंद होने जैसा अहसास या कभी-कभी सिरदर्द भी इसकी वजह हो सकता है.ईएनटी डॉक्टर दिव्या भदौरिया के मुताबिक, कान के अंदर किसी भी तरह की नुकीली या कठोर चीज डालना सबसे बड़ी गलती है. अगर आपको खुद से सफाई करनी है, तो सिर्फ कान के बाहरी हिस्से तक सीमित रहें. गीले और साफ कपड़े से कान के बाहर जमा गंदगी को पोंछना सुरक्षित तरीका माना जाता है. ईयरबड का इस्तेमाल करते समय भी उसे कान के अंदर तक ले जाना ठीक नहीं है.

कान साफ करते समय किन गलतियों से बचें

कान की सफाई में जल्दबाजी और लापरवाही नुकसानदेह साबित हो सकती है. कॉटन बड को अंदर तक डालने से वैक्स बाहर आने की बजाय और गहराई में चला जाता है, जिससे ब्लॉकेज बढ़ सकता है. कई लोग पिन, माचिस की तीली या अन्य नुकीली चीजों से कान खुजलाने लगते हैं, जो कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा सकती हैं.इसके अलावा ईयर कैंडलिंग जैसे घरेलू ट्रेंड भी कान के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते. खुद से पानी डालकर कान धोना भी इंफेक्शन और दर्द की वजह बन सकता है.

कान की सुरक्षित सफाई का सही तरीका

अगर कान में वैक्स ज्यादा जमा हो गया है, तो सबसे बेहतर विकल्प डॉक्टर की सलाह लेना है. मेडिकल स्टोर पर मिलने वाले ईयरवैक्स सॉफ्टनर ड्रॉप्स डॉक्टर की सलाह से कुछ दिनों तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जिससे वैक्स नरम हो जाता है. इसके बाद ईएनटी डॉक्टर विशेष उपकरणों की मदद से सुरक्षित तरीके से वैक्स निकालते हैं.अगर घरेलू उपायों के बावजूद सुनने में दिक्कत, दर्द या कान बंद रहने की समस्या बनी रहे, तो देरी न करें और तुरंत विशेषज्ञ को दिखाएं.

नियमित जांच क्यों है जरूरी

साल में कम से कम एक बार ईएनटी जांच कराना फायदेमंद माना जाता है. इससे कान, नाक और गले से जुड़ी समस्याओं का समय रहते पता चल जाता है और बड़ी परेशानी से पहले ही बचाव संभव हो जाता है. सही जानकारी और सही तरीका अपनाकर ही कानों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है.

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