तीन दशक बाद फाइटर जेट से परमाणु बम गिराने की तैयारी, अमेरिका की इस VIDEO ने पुतिन-जिनपिंग को बढ़ाई टेंशन

US Nuclear Bomb: वैश्विक तनाव के बढ़ते तापमान के बीच अमेरिका ने वह कदम उठा लिया है, जिसकी आहट कई महीनों से मिल रही थी. करीब 33 साल बाद, वॉशिंगटन ने एक बार फिर परमाणु बम गिराने की टेस्ट-प्रक्रिया को अंजाम दिया, हालांकि बिना न्यूक्लियर वॉरहेड के.

drop nuclear bomb from fighter jet after three decades video America increased tension between Putin-Jinping
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US Nuclear Bomb: वैश्विक तनाव के बढ़ते तापमान के बीच अमेरिका ने वह कदम उठा लिया है, जिसकी आहट कई महीनों से मिल रही थी. करीब 33 साल बाद, वॉशिंगटन ने एक बार फिर परमाणु बम गिराने की टेस्ट-प्रक्रिया को अंजाम दिया, हालांकि बिना न्यूक्लियर वॉरहेड के. यह परीक्षण नेवादा के टोनोपाह टेस्ट रेंज की जमीन पर हुआ, जो दशकों से अमेरिका की परमाणु रणनीति का गुप्त मैदान माना जाता है.

इस अत्याधुनिक परीक्षण में अमेरिकी वायुसेना के एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट का इस्तेमाल किया गया, वही जेट जो न्यूक्लियर स्ट्राइक करने की क्षमता रखता है. यूटाह के हिल एयर फोर्स बेस से आए विशेषज्ञों ने बम की जांच, सुरक्षा और इंस्टॉलेशन की पूरी प्रक्रिया संभाली. रिपोर्ट में बताया गया है कि यह परीक्षण अगस्त 2025 में बेहद गोपनीय तरीके से किया गया था.

रूस–चीन के बढ़ते दबाव के बीच अमेरिका की रणनीतिक चेतावनी

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका का रूस और चीन दोनों के साथ तनाव अपने चरम पर पहुंच रहा है. मॉस्को की परमाणु आक्रामकता और बीजिंग की तेजी से बढ़ती मिलिट्री ताकत को देखते हुए अमेरिका अपनी ‘न्यूक्लियर रेडीनेस’ बढ़ाने पर काम कर रहा है.

हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि चीन और रूस की तरह अब अमेरिका भी परमाणु परीक्षण फिर से शुरू कर सकता है, और यह टेस्ट उसी दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है.

वीडियो में दिखी परीक्षण की पूरी प्रक्रिया

परीक्षण को लेकर सामने आए वीडियो में वह दृश्य साफ दिखते हैं, जिनका हर फ्रेम अमेरिका की सैन्य तैयारी का संदेश देता है. वीडियो में परमाणु बम को एक विशेष कंटेनर में सुरक्षा के साथ लाया जाता है. हिल एयर बेस के अधिकारी बम की गहन जांच करते हैं. फिर उसे एफ-35 जेट के भीतर इंस्टॉल किया जाता है और दो बमों से लैस एफ-35 आसमान में उड़ते हुए टेस्ट रेंज की ओर बढ़ता है वीडियो में देखा गया कि जेट ने निर्धारित ऊंचाई से बमों को गिराया, जिससे अमेरिका की न्यूक्लियर कैपेबिलिटी की सटीकता और आधुनिक क्षमता की झलक मिलती है.

दुनिया के लिए क्या संकेत?

यह परीक्षण सिर्फ टेक्निकल एक्सरसाइज़ नहीं, बल्कि एक जियोस्ट्रैटेजिक मैसेज भी है, कि अमेरिका अपनी परमाणु तैयारी को अपडेट कर चुका है और भविष्य के किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है.

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