पिछले कुछ समय से मिडिल ईस्ट में हो रहे तनाव के कारण भारत में गैस सिलेंडर की आपूर्ति में समस्याएं आईं. खासकर, होर्मुज जलमार्ग के बंद होने के बाद से गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया. इस वजह से, आम जनता को एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, और गैस की किल्लत जैसी स्थितियां उत्पन्न हुईं. हालांकि, सरकार ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोग जरूरत से ज्यादा पैनिक कर रहे हैं, जिससे कुछ बिचौलिए इसका फायदा उठा रहे हैं और गैस सिलेंडर की कीमतों को बढ़ा रहे हैं.
होटल के बिल में गैस चार्ज की अनावश्यक मांग
इसके अलावा, एक और समस्या जो सामने आई है, वह है होटल वालों द्वारा गैस और फ्यूल चार्ज के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगना. जब लोग बाहर खाना खाने जाते हैं, तो उन्हें फूड बिल में गैस चार्ज और फ्यूल चार्ज जैसे नामों पर ज्यादा पैसा चुकाना पड़ता है. यह न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, बल्कि यह होटल वालों के लिए भी एक तरीका बन गया है, जिससे वे संकट का फायदा उठाते हुए अतिरिक्त मुनाफा कमा रहे हैं.
क्या करें यदि होटल में लिया गया बिल गलत हो?
अगर आप किसी होटल में खाना खाने गए हैं और बिल में गैस और फ्यूल चार्ज का नाम सामने आया है, तो आपको इसका विरोध करना चाहिए. होटल के मेन्यू में जो भी शुल्क तय किए गए हैं, केवल वही शुल्क आपको देना चाहिए. यदि होटल वाले इस पर असहमत होते हैं और अतिरिक्त पैसे मांगते हैं, तो आप इसके खिलाफ आवाज उठा सकते हैं.
Charged extra “LPG fees” on your bill? Not acceptable—pay only the menu price (plus taxes), and if you notice any such charges, get them removed or report it via NCH 1915 or e-Jagriti. #LPGCharge #UnfairTradePractice #FuelCharge #JagoGrahakJago #NCH1915 pic.twitter.com/ExNbo6XzIo
— Consumer Affairs (@jagograhakjago) March 31, 2026
शिकायत कैसे करें?
कंज्यूमर अफेयर मंत्रालय ने इस संबंध में गाइडलाइंस जारी की हैं और उपभोक्ताओं को अधिकार दिया है कि वे होटल वालों के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं. अगर होटल वाला अतिरिक्त गैस या फ्यूल चार्ज मांगता है, तो सबसे पहले उसे विनम्रता से अतिरिक्त पैसे को हटाने के लिए कहें. अगर होटल इसे नकारता है और शिकायत सुनने के लिए तैयार नहीं है, तो आप NCH 1915 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
इसके अलावा, आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ई-जागृति का इस्तेमाल करके भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इसके अलावा, आप जिलाधिकारी या सीसीपीए (कंज्यूमर कंजर्वेशन एंड प्रोटेक्शन एथॉरिटी) से भी मदद ले सकते हैं.
उपभोक्ताओं को जागरूक करना बेहद जरूरी
कंज्यूमर अफेयर मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इन निर्देशों के माध्यम से उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक किया जा रहा है. अगर आप किसी होटल में अतिरिक्त पैसे देने से बचना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि आप इन गाइडलाइंस का पालन करें और सही तरीके से अपनी शिकायत दर्ज कराएं. ऐसा करने से आप न केवल अपने पैसे की बचत करेंगे, बल्कि अन्य उपभोक्ताओं के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित करेंगे.
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