टॉयलेट सीट पर बैठकर घंटों चलाते हैं मोबाइल फोन, तो हो जाएं सावधान, हो सकती है ये गंभीर बीमारी

Smartphone in Toilet: आजकल लोग टॉयलेट में बैठते ही अपने स्मार्टफोन पर सोशल मीडिया, वीडियो या न्यूज स्क्रॉल करना शुरू कर देते हैं. यह एक आम आदत है, लेकिन अमेरिका में हुई नई रिसर्च के अनुसार, यह आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है.

Do you use your phone in the toilet Here s how it could harm your health
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Smartphone in Toilet: आजकल लोग टॉयलेट में बैठते ही अपने स्मार्टफोन पर सोशल मीडिया, वीडियो या न्यूज स्क्रॉल करना शुरू कर देते हैं. यह एक आम आदत है, लेकिन अमेरिका में हुई नई रिसर्च के अनुसार, यह आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है. अध्ययन में पाया गया कि टॉयलेट में फोन इस्तेमाल करने वालों में पाइल्स (Hemorrhoids) का खतरा लगभग 46% तक बढ़ जाता है.

पाइल्स क्या है और क्यों होती है समस्या?

हमारे शरीर में हेमोरॉइड्स नामक संरचना होती है. ये गुदा के पास खून की नसों और टिश्यू से बने कुशन हैं, जो मल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. सामान्य स्थिति में ये किसी परेशानी का कारण नहीं बनते. लेकिन जब सूज जाते हैं या इनमें खून जमने लगता है, तो दर्द, सूजन, खून आना या गांठ जैसी समस्या पैदा हो जाती है. यह समस्या बेहद आम है और माना जाता है कि आधी से ज्यादा आबादी अपने जीवन में कभी न कभी इसका सामना करती है.

किन लोगों को होता है अधिक खतरा

पाइल्स ज्यादातर 45 साल से ऊपर के लोग, गर्भवती महिलाएं, ज्यादा वजन वाले लोग, कब्ज या दस्त जैसी समस्या से गुजरने वाले और लंबे समय तक टॉयलेट में बैठने वाले लोगों में देखने को मिलती है. रिसर्च में यह भी स्पष्ट हुआ कि लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने से पाइल्स का खतरा नहीं बढ़ता, लेकिन टॉयलेट सीट पर देर तक बैठना इसे बढ़ा सकता है. टॉयलेट पर बैठने से पेल्विक फ्लोर पर दबाव बढ़ता है और गुदा के आसपास की नसों में खून जमा होने लगता है. यही दबाव पाइल्स की मुख्य वजह बनता है.

रिसर्च में सामने आए तथ्य

अमेरिका की इस रिसर्च में 125 लोगों (उम्र 45 ) को शामिल किया गया. उनकी टॉयलेट आदतें, खाने की आदतें और शारीरिक गतिविधियों का अध्ययन किया गया. कोलोनोस्कोपी के जरिए उनकी जांच भी की गई. अध्ययन में पाया गया कि 66% लोग टॉयलेट में फोन इस्तेमाल करते थे, और इनमें से 37.3% लोग 5 मिनट से ज्यादा समय तक बैठे रहते थे. जबकि बिना फोन इस्तेमाल करने वालों में यह आंकड़ा सिर्फ 7% था. टॉयलेट में फोन इस्तेमाल करने वालों में पाइल्स का खतरा 46% अधिक पाया गया.

क्यों ज्यादा देर तक बैठना है खतरनाक

दिलचस्प बात यह रही कि अध्ययन में जोर लगाने (straining) और पाइल्स के बीच कोई सीधा संबंध नहीं मिला. इसका मतलब यह है कि असली खतरा टॉयलेट में लंबे समय तक बैठने से होता है, न कि केवल जोर लगाने से. पहले की रिसर्च भी यही साबित करती है. 2020 में तुर्की और इटली में हुई रिसर्च में यह पाया गया कि पांच मिनट से ज्यादा टॉयलेट पर बैठना पाइल्स के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है.

पाइल्स से बचने के उपाय

पाइल्स जैसी समस्या से बचाव के लिए अपने खान-पान और टॉयलेट आदतों में बदलाव जरूरी है. खाने में फाइबर और पानी की मात्रा बढ़ाना मददगार होता है. टॉयलेट में फोन या किसी अन्य डिस्ट्रैक्शन का इस्तेमाल न करें और टॉयलेट पर बैठने का समय कम रखें. अगर मलत्याग के दौरान खून, दर्द या गांठ जैसी समस्या दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

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