Rohini Acharya Latest News: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार ने लालू परिवार के अंदरूनी मतभेदों को बाहर ला दिया है. परिवार के नेताओं के बीच अब सिर्फ रणनीति की नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रिश्तों की भी जंग देखने को मिल रही है. सूत्रों के अनुसार, इस बार सबसे ज्यादा विवाद तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य के बीच देखने को मिला.
जानकारी के अनुसार, हार के बाद हुई घर में चर्चा गरमागरम बहस में बदल गई. तेजस्वी यादव ने चुनाव हार की जिम्मेदारी रोहिणी पर डालने की कोशिश की. रोहिणी सिंगापुर से वापस आई थीं और प्रचार में सक्रिय हिस्सा लेना चाहती थीं, लेकिन पार्टी ने उन्हें सीमित कार्यक्रमों तक ही सीमित रखा. इसके बावजूद तेजस्वी ने उन पर कटाक्ष किया कि, “तुम तो खुश हो रही होगी, जो तुम्हें चाहिए वही हुआ.”
कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक माँ को जलील किया गया , गंदी गालियाँ दी गयीं , मारने के लिए चप्पल उठाया गया , मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया , सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) November 16, 2025
कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए…
रोहिणी का पलटवार
तेजस्वी के तानों का रोहिणी ने तुरंत जवाब दिया. उन्होंने कहा, “जिस तरह आप घर की बेटी का अपमान कर रहे हैं, इसकी कीमत आपको भुगतनी पड़ेगी. मेरी बद्दुआ आपके पीछे पड़ेगी.” इस बहस के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि रोहिणी रात के समय राबड़ी आवास छोड़कर चली गईं. पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अब मेरा कोई परिवार नहीं है. मुझे ही परिवार से अलग कर दिया गया है. सवाल है कि पार्टी का हाल क्यों हुआ, लेकिन कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है.”
पूरा परिवार था मौजूद
सूत्रों के मुताबिक, बहस के समय लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, रेचल समेत पूरा परिवार मौजूद था. विवाद इतना बढ़ गया कि रोहिणी घर छोड़कर जाने लगीं तो लालू और राबड़ी दोनों ही भावुक हो उठे. परिवार की सभी बहनें रोहिणी के साथ खड़ी नजर आईं और तेजस्वी के खिलाफ रुख अपनाया.
तेजस्वी के करीबी भी आए निशाने पर
रोहिणी ने अपने बयान में तेजस्वी के करीबी नेताओं संजय यादव और रमीज पर दबाव डालने का आरोप लगाया. उनका कहना था, “अगर आप सवाल पूछेंगे तो गाली मिलेगी, कभी-कभी चप्पल तक चलेगी.”
लालू परिवार में कलह की परंपरा
यह पहला मौका नहीं है जब लालू परिवार में अंदरूनी कलह सार्वजनिक हुई हो. इस साल 25 मई को तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी से निकाल दिया गया था. उस समय भी विवाद का निशाना तेजस्वी के करीबी संजय यादव बने थे. इस बार तेजस्वी और रोहिणी के बीच की खटपट ने यह साफ कर दिया है कि लालू परिवार में चुनाव हार के बाद सिर्फ राजनीतिक रणनीति ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत मतभेद भी गहरे हैं.
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