सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के दूसरे दिन बागेश्वर धाम के सरकार आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिल्ली में एक बड़ा बयान दिया. शास्त्री ने कहा कि यह पदयात्रा हिंदू समाज में एकता और सामाजिक सद्भाव स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनता, तब तक यह यात्रा लगातार जारी रहेगी. उन्होंने अपने भाषण में कहा, "हम रुकेंगे तब जब भारत हिंदू राष्ट्र होगा."
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पदयात्रा का मकसद स्पष्ट करते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध नहीं है. उनका कहना है कि यात्रा का मुख्य लक्ष्य है हिंदू समाज को एकजुट करना और जातिगत भेदभाव को पीछे छोड़कर समाज में भाईचारा बढ़ाना.
हिंदू समाज जागरूक हो- शास्त्री
शास्त्री ने आगे कहा, "हम चाहते हैं कि हिंदू समाज अपने पारंपरिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक हो. यह यात्रा सामाजिक समरसता और सनातन धर्म के उत्थान का प्रतीक है."
#WATCH | Delhi | On the second day of his Sanatan Hindu Ekta Padyatra 2025, Bageshwar Dham Sarkar Acharya Dhirendra Krishna Shastri says, "... This padyatra is for social harmony and Hindu Ekta. Hindus in the country are uniting and coming out on the streets. India will… pic.twitter.com/jwQm37P8lz
— ANI (@ANI) November 8, 2025
उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भावनात्मक लहजे में कहा, "यह सब बागेश्वर धाम के परिवार और अनुयायियों का प्रयास है. हम कोई राजनीतिक नेता नहीं हैं और यह कोई राजनीतिक अभियान नहीं है. जो लोग हमारे साथ हैं, वे हमारे परिवार के सदस्य हैं."
पदयात्रा में उमड़ी भारी भीड़
दिल्ली में 8 नवंबर को दूसरे दिन आयोजित इस पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए. हाथों में भगवा झंडा लिए लोग ‘जय श्रीराम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे लगा रहे थे. इसमें महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हुए, और उन्होंने उत्साहपूर्वक यात्रा में हिस्सा लिया.
शास्त्री ने एएनआई को दिए बयान में कहा कि यह यात्रा हिंदू संस्कृति और सनातन धर्म के उत्थान का संदेश लेकर चल रही है. उनका मानना है कि हिंदू समाज में एकता और गर्व की भावना जगाना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है.
भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संदेश
शास्त्री ने पदयात्रा के दौरान कहा कि यह केवल एक शुरुआत है. उनका कहना है कि यह यात्रा लगातार जारी रहेगी जब तक भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनता. उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य स्पष्ट है हिंदू समाज में एकता स्थापित करना और सनातन संस्कृति की रक्षा करना."
उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश में विभाजन और जातिगत दीवारें अभी भी मौजूद हैं. ऐसे में हिंदू समाज के लिए एकजुट रहना और अपने मूल्यों की रक्षा करना आवश्यक है. शास्त्री ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस पदयात्रा को आंदोलन के रूप में न देखें, बल्कि इसे सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक एकता का प्रतीक मानें.
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