Premanand Maharaj: भूल कर भी घर के मंदिर में ना रखें ये चीजें, नहीं तो आएगी गरीबी; प्रेमानंद महाराज ने खुद बताया

Premanand Maharaj On Home Temple: सोशल मीडिया पर इन दिनों संत प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे घर के मंदिर से जुड़ी कुछ अहम बातों पर मार्गदर्शन करते नजर आ रहे हैं.

dharm Vastu not keep things in temple of your home even by mistake Premanand Maharaj
Image Source: Social Media

Premanand Maharaj On Home Temple: सोशल मीडिया पर इन दिनों संत प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे घर के मंदिर से जुड़ी कुछ अहम बातों पर मार्गदर्शन करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में एक भक्त उनसे यह सवाल करता है कि घर के पूजा स्थान में कौन-सी चीजें रखने से बचना चाहिए, ताकि जीवन में नकारात्मक असर न पड़े. इस पर प्रेमानंद महाराज बड़े ही सरल शब्दों में ऐसे नियम बताते हैं, जिन्हें वे आध्यात्मिक और व्यवहारिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं.

प्रेमानंद महाराज के अनुसार, घर का मंदिर ईश्वर की आराधना और ध्यान का स्थान होता है. यह जगह आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ी होती है, इसलिए यहां वही वस्तुएं होनी चाहिए जो भक्ति, शांति और सकारात्मकता को बढ़ाएं. उनका मानना है कि मंदिर को अनावश्यक वस्तुओं से भर देना या गलत चीजें रखना व्यक्ति के मन और जीवन दोनों पर असर डाल सकता है.

मंदिर में पूर्वजों की तस्वीर क्यों नहीं रखनी चाहिए

महाराज बताते हैं कि घर के मंदिर में पूर्वजों की तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए. पूर्वजों का सम्मान और स्मरण बेहद जरूरी है, लेकिन उसके लिए घर में अलग स्थान होना चाहिए. मंदिर को केवल भगवान की पूजा के लिए समर्पित रखना चाहिए. उनके अनुसार, पूजा स्थल में पूर्वजों की तस्वीर रखने से आध्यात्मिक संतुलन बिगड़ सकता है और इससे आर्थिक तंगी या अनावश्यक परेशानियां बढ़ने की मान्यता है.

फटी तस्वीरें और पुरानी धार्मिक किताबें

प्रेमानंद महाराज यह भी कहते हैं कि मंदिर में फटी हुई भगवान की तस्वीरें, टूटी मूर्तियां या जर्जर धार्मिक पुस्तकें नहीं रखनी चाहिए. ऐसी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती हैं. उनका मानना है कि इससे घर में फिजूलखर्ची बढ़ती है और मानसिक तनाव भी पैदा हो सकता है. अगर कोई धार्मिक पुस्तक या तस्वीर खराब हो गई हो, तो उसे सम्मानपूर्वक हटाकर उचित तरीके से विसर्जित करना चाहिए.

सूखे फूल क्यों नहीं रखने चाहिए

पूजा में इस्तेमाल किए गए फूल जब ताजे रहते हैं, तब तक वे सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माने जाते हैं. लेकिन प्रेमानंद महाराज के अनुसार, जब फूल सूख जाएं तो उन्हें लंबे समय तक मंदिर में नहीं रखना चाहिए. सूखे फूल पूजा स्थल की पवित्रता को कम करते हैं और ऊर्जा के प्रवाह में रुकावट डालते हैं. इसलिए समय-समय पर उन्हें हटाकर साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है.

जीवित साधु-संतों की तस्वीर से परहेज

महाराज यह भी स्पष्ट करते हैं कि घर के मंदिर में किसी जीवित साधु, संत या धर्मगुरु की तस्वीर नहीं रखनी चाहिए. उनका कहना है कि जीवित गुरु की सच्ची पूजा उनके बताए मार्ग पर चलकर, उनके उपदेशों को जीवन में अपनाकर की जाती है, न कि तस्वीर की आराधना से. मंदिर में केवल ईश्वर की प्रतिमा या तस्वीर ही होनी चाहिए.

कौन हैं प्रेमानंद महाराज

प्रेमानंद महाराज सनातन धर्म के जाने-माने संत और कथावाचक हैं. वे भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, वैराग्य, सदाचार और सरल जीवन मूल्यों पर आधारित प्रवचन देने के लिए प्रसिद्ध हैं. उनका संबंध वृंदावन से बताया जाता है. सोशल मीडिया पर उनके छोटे-छोटे प्रवचन वीडियो खूब देखे जाते हैं, जिनमें वे पूजा-पाठ, कर्म, जीवन और अध्यात्म से जुड़े सवालों के सहज और व्यावहारिक उत्तर देते हैं.

कुल मिलाकर, प्रेमानंद महाराज का यह संदेश यही है कि घर का मंदिर साफ, सादा और पूरी तरह ईश्वर की भक्ति को समर्पित होना चाहिए. ऐसा करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

यह भी पढ़ें- भारत के हाथ में है बिजली का स्विच, पलक झपकते अंधेरे में डूब जाएगा बांग्लादेश, अडानी पावर के भरोसे यूनुस!