Geetanjali Babbar Premanand Maharaj: वृंदावन के प्रसिद्ध दरबार में हर दिन भक्त और समाजसेवी आते हैं, आशीर्वाद लेने और अपने कर्मों की प्रेरणा लेने. इनमें कई फिल्म और क्रिकेट जगत के सितारे भी शामिल हैं, लेकिन हाल ही में वहां एक अलग तरह की मुलाकात हुई. दिल्ली के रेड लाइट एरिया में सेक्स वर्कर्स और उनके बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहीं समाजसेवी गीतांजलि बब्बर ने प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया.
गीतांजलि बब्बर ने दरबार में बताया कि उनके काम में कितनी मुश्किलें हैं. उन्होंने कहा, “मैं जीबी रोड के कोठों में फंसी महिलाओं को बाहर निकालती हूं और उनके बच्चों को बेहतर जीवन देने का प्रयास करती हूं. लेकिन इस काम में चुनौतियां बहुत बड़ी हैं. जब-जब हौसला कम होता है या आत्म-संदेह आता है, तब क्या करें?”
इस पर प्रेमानंद महाराज ने उन्हें प्रेरित करते हुए कहा, “यह कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है. जिन लोगों को समाज की गंदगी में धकेला गया, उन्हें मुक्त करना और नया जीवन देना असाधारण कार्य है. अगर आप किसी एक जीवन को सुधारने में सफल होते हैं, तो आपने बहुत बड़ा कार्य कर लिया.”
गुरुमंत्र से बढ़ा आत्मविश्वास
प्रेमानंद महाराज ने गीतांजलि को गुरुमंत्र भी दिया. उन्होंने कहा, “राधा नाम का जाप कीजिए ताकि आपका आत्मबल बना रहे. आप अपने उद्देश्य में डटी रहिए. आपका साहस और कर्म भगवान की रक्षा करेगा.” महाराज का यह संदेश सिर्फ गीतांजलि के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो समाज के हाशिए पर फंसी जिंदगी को नई राह दिखाने का प्रयास करता है.
गीतांजलि बब्बर: जीबी रोड में बदलाव की पहल
गीतांजलि बब्बर 'कट-कथा' की फाउंडर और डायरेक्टर हैं. उनका लक्ष्य जीबी रोड में फंसी महिलाओं और उनके बच्चों के जीवन में बदलाव लाना है. उन्होंने NACO (राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन) के साथ काम किया, लेकिन 2011 में वहां की महिलाओं की दयनीय स्थिति ने उन्हें इस्तीफा देने और सीधे मैदान में उतरने के लिए प्रेरित किया.
गीतांजलि ने देखा कि रेड लाइट एरिया में महिलाएं और उनके बच्चे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. इसके बाद उन्होंने 'कट-कथा' की स्थापना की और इन महिलाओं के लिए आवाज उठाना शुरू किया.
समाज में बदलाव का प्रतीक
गीतांजलि बब्बर और प्रेमानंद महाराज की यह मुलाकात समाज में उम्मीद और प्रेरणा की मिसाल है. जहां एक ओर समाज के हाशिए पर लोग फंसे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग हैं जो उनका सहारा बन रहे हैं. प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद गीतांजलि के कार्य को और अधिक मजबूत बनाएगा और उनके प्रयासों में नई ऊर्जा भर देगा.
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