भारत से टेस्ट सीरीज हारने के बाद बदला कप्तान! धनंजय डी सिल्वा ने छोड़ी श्रीलंका की कमान

Dhananjaya de Silva Resigns: भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-1 से हार के बाद धनंजय डी सिल्वा ने श्रीलंका की टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है, अब कुसल मेंडिस के नाम की चर्चा तेज है.

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Dhananjaya de Silva Resigns: श्रीलंका क्रिकेट में टेस्ट टीम की कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है. धनंजय डी सिल्वा ने तत्काल प्रभाव से टेस्ट कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है. उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट की चयन समिति को भेजे पत्र में कहा कि अब नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया है कि वह बतौर खिलाड़ी श्रीलंका के लिए उपलब्ध रहेंगे.

धनंजय का यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल ही में श्रीलंका को घरेलू टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था. इससे पहले ही उनकी कप्तानी को लेकर सवाल उठने लगे थे. अब उनके पद छोड़ने के बाद श्रीलंका के सामने टेस्ट टीम के लिए नए कप्तान को चुनने की चुनौती है.

18 टेस्ट में 7 जीत, 8 हार रहा रिकॉर्ड

धनंजय डी सिल्वा ने 2024 से 2026 के बीच श्रीलंका की 18 टेस्ट मैचों में कप्तानी की. इस दौरान टीम ने 7 मुकाबले जीते, 8 में हार मिली और 3 टेस्ट ड्रॉ रहे. उनका जीत प्रतिशत 38.88 रहा. हालांकि, उनके कार्यकाल में कुछ यादगार जीत भी दर्ज हुईं. अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट जीतने के अलावा श्रीलंका ने बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ भी शानदार प्रदर्शन किया. बतौर कप्तान धनंजय ने खुद भी 1,130 रन बनाए और तीन शतक जड़े.

कुसल मेंडिस का नाम क्यों चल रहा?

धनंजय के इस्तीफे के बाद टेस्ट कप्तानी के लिए कुसल मेंडिस का नाम चर्चा में है. मेंडिस पहले से ही श्रीलंका की वनडे और टी20 टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं. मई 2026 में उन्हें दोनों व्हाइट-बॉल फॉर्मेट की कमान दी गई थी, जबकि टेस्ट में उस समय धनंजय ही कप्तान बने रहे थे. हालांकि, फिलहाल श्रीलंका क्रिकेट ने टेस्ट कप्तान के रूप में कुसल मेंडिस के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. इसलिए उनकी नियुक्ति को लेकर चल रही खबरों को अभी आधिकारिक फैसला नहीं माना जा सकता.

कुसल मेंडिस के सामने भी कम नहीं होंगी चुनौतियां

कुसल मेंडिस श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं और टीम के नेतृत्व समूह का हिस्सा रहे हैं. लेकिन कप्तानी के साथ उनके सामने फिटनेस और निरंतरता जैसी चुनौतियां भी रहेंगी. अगस्त में भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान वह चोट के कारण टीम से बाहर रहे थे.

इसके अलावा, 2021 में इंग्लैंड दौरे के दौरान बायो-बबल नियमों के उल्लंघन के मामले में उन पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे बाद में उनके आचरण के आधार पर कम कर दिया गया था. ऐसे में टेस्ट कप्तानी मिलने पर उनके लिए मैदान के प्रदर्शन के साथ नेतृत्व की जिम्मेदारी भी अहम होगी.

धनंजय अब बतौर खिलाड़ी देंगे योगदान

कप्तानी छोड़ने के बावजूद धनंजय डी सिल्वा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूरी नहीं बनाई है. उन्होंने चयन समिति को साफ किया है कि वह श्रीलंका के लिए खिलाड़ी के तौर पर उपलब्ध रहेंगे. श्रीलंका क्रिकेट ने भी उनके इस फैसले का सम्मान करते हुए उनके नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया है. अब नजर श्रीलंका क्रिकेट के अगले फैसले पर है. टेस्ट टीम की कमान किसे सौंपी जाती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा. अगर कुसल मेंडिस को जिम्मेदारी मिलती है, तो उनके लिए तीनों फॉर्मेट में नेतृत्व की भूमिका संभालना श्रीलंकाई क्रिकेट के लिए एक बड़ा बदलाव होगा.

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