बुलडोजर एक्शन पर बवाल! पुलिस पर पथराव, हिरासत में 10 लोग; इन 8 धाराओं के तहत मिलेगी इतनी सजा

    Delhi Turkman Gate: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में नगर निगम द्वारा चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. कार्रवाई के दौरान और उसके बाद हुई पत्थरबाजी की घटनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है.

    Delhi Turkman Gate Bulldozer Action Police Detained 10 people take action in 8 sections
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    Delhi Turkman Gate: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में नगर निगम द्वारा चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. कार्रवाई के दौरान और उसके बाद हुई पत्थरबाजी की घटनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया है. बुधवार सुबह पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की.

    पुलिस के मुताबिक, तुर्कमान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास के क्षेत्र में देर रात एमसीडी ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी. इसके बाद कुछ लोगों ने विरोध किया, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठा. स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

    दिल्ली पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराएं लगाई हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में BNS की धारा 221, 132, 121, 191(2), 191(3), 223(A), 3(5) और PDPP एक्ट 1984 की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया जा रहा है.

    लोक सेवकों के खिलाफ हिंसा के आरोप

    धारा 221 के तहत किसी लोक सेवक को उसके वैध कर्तव्यों के निर्वहन से बल या धमकी के जरिए रोकना अपराध माना जाता है. इस धारा में दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.वहीं, धारा 132 लोक सेवक पर हमला या बल प्रयोग से जुड़ी है. यदि कोई व्यक्ति पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी पर हमला करता है ताकि वह अपना काम न कर सके, तो इसमें दो साल तक की जेल या जुर्माने का प्रावधान है.

    गंभीर नुकसान पहुंचाने की मंशा भी शामिल

    पुलिस ने धारा 121 भी जोड़ी है, जो लोक सेवक को गंभीर चोट पहुंचाने की नीयत से किए गए हमले से संबंधित है. इसे अधिक गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है.

    झूठी जानकारी और गैरकानूनी जमावड़े की धाराएं

    इस मामले में धारा 191(2) और 191(3) के तहत झूठी जानकारी या झूठा साक्ष्य देने के आरोप भी शामिल किए गए हैं. यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत सूचना देता है या किसी निर्दोष को फंसाने की कोशिश करता है, तो उसे दो से पांच साल तक की सजा हो सकती है.धारा 223(A) गैरकानूनी जमावड़े से संबंधित है, जिसमें कानून व्यवस्था बिगाड़ने की नीयत से भीड़ इकट्ठा करने पर सजा का प्रावधान है.BNS की धारा 3(5) के तहत सामूहिक अपराध की जवाबदेही तय की जाती है. यदि कोई अपराध भीड़ द्वारा किया जाता है, तो उसमें शामिल हर व्यक्ति को समान रूप से जिम्मेदार माना जाता है.

    सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला

    इसके अलावा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 भी लगाई गई है. सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में इस कानून के तहत छह महीने से लेकर दस साल तक की सजा का प्रावधान है, जो नुकसान की गंभीरता पर निर्भर करता है.

    स्थिति पर नजर बनाए हुए है पुलिस

    फिलहाल पुलिस पूरे इलाके पर कड़ी नजर रखे हुए है. अधिकारियों का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी तरह की अफवाह या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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