Delhi Electric AC Buses: दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े में बड़ी संख्या में नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य न केवल प्रदूषण को कम करना है, बल्कि राजधानी के लाखों यात्रियों को बेहतर, आरामदायक और तकनीक आधारित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना भी है. सरकार इसे दिल्ली की स्मार्ट मोबिलिटी योजना का अहम हिस्सा मान रही है.
दिल्ली का Public Transport अब होगा और ज्यादा Clean, Smart और Connected
— Delhi Government (@DelhiGovDigital) June 11, 2026
PM E-DRIVE Scheme के तहत DTC fleet में 2,800 नई AC Electric Buses शामिल की जाएंगी।
इससे Outer Delhi और Residential Areas में बेहतर Connectivity के साथ नागरिकों को मिलेगा आरामदायक और पर्यावरण-अनुकूल सफर।… pic.twitter.com/TnaZ4AXy2X
2,800 नई इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ेगी परिवहन क्षमता
योजना के तहत कुल 2,800 एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी. इनमें 1,400 नौ मीटर लंबी और 1,400 बारह मीटर लंबी बसें शामिल होंगी. लंबी बसों को उन मार्गों पर तैनात किया जाएगा जहां यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, जबकि छोटी बसें कॉलोनियों और स्थानीय इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का काम करेंगी. इससे यात्रियों को अधिक सुगम और व्यवस्थित परिवहन सेवा मिलने की उम्मीद है.
लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर भी रहेगा फोकस
दिल्ली सरकार केवल मुख्य मार्गों तक ही सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अंतिम छोर तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचाने की तैयारी में है. इसी उद्देश्य से अगले चरण में 500 नई सात मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों को भी बेड़े में शामिल करने की योजना बनाई गई है. ये बसें उन क्षेत्रों में संचालित होंगी जहां बड़ी बसों का संचालन कठिन होता है. इससे मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल और आवासीय क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकेगी.
2029 तक 14 हजार बसों का लक्ष्य
वर्तमान समय में दिल्ली की सड़कों पर लगभग 4,300 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं. नई बसों के शामिल होने के बाद यह संख्या तेजी से बढ़ेगी और सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक इसे 7,500 तक पहुंचाने का है. वहीं दीर्घकालिक योजना के तहत 2028-29 तक राजधानी में कुल बसों की संख्या करीब 14,000 करने का लक्ष्य रखा गया है. यदि यह योजना सफल होती है तो दिल्ली देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था वाले शहरों में शामिल हो सकती है और स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकती है.
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