नई दिल्ली : 'कर्ज मुक्ति अभियान' के बैनर तले मंगलवार को कर्जमाफी के मांग के लिए पहुंचे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन करने से रोक दिया. आरोप है कि पुलिस ने कई लोगों को रात में हिरासत में लिया है. प्रदर्शन करने पहुंचे संगठन का कहना है कि उसे प्रदर्शन की इजाजत मिली थी लेकिन अंतिम समय में दिल्ली पुलिस ने रोक दिया. इससे पहले ये लोग जंतर-मंतर और रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर चुके हैं और अभियान चलाकर करोड़ों लोगों का हस्ताक्षर लिया है.
कर्ज मुक्ति अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष शहनवाज चौधरी ने प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "नि:शुल्क कर्जमाफी की मागों को लेकर मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज प्रदर्शन की हमें अनुमति दी गई थी लेकिन अंतिम समय पर परमिशन नहीं दी गई और दिल्ली पुलिस ने हमारे कई लोगों को रात में हिरासत में ले लिया है."
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"पिछले कई सालों से हम लगातार पूरे देशभर में नि:शुल्क कर्ज माफी की मांग को लेकर अभियान चला रहे हैं. कई बार जंतर-मंतर पर रामलीला मैदान में भी प्रदर्शन कर चुके हैं और पूरे देशभर से हजारों की संख्या में हस्ताक्षर अभियान के जरिए लोगों की हस्ताक्षर भी हमें मिले हैं. दिल्ली एनसीआर से ही कल से अब तक 3000 से अधिक हस्ताक्षर हमें मिल चुके हैं."
"आंकड़े बताते हैं की कर्ज तले दबे व्यापारियों ने, किसानों ने आत्महत्या कर ली है. आज हम लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में PIL भी दाखिल की है और सरकार हमें प्रदर्शन नहीं करने दे रही है. वह हमारी आवाज को दबाना चाहती है. लेकिन आम जनता जान चुकी है और अब हम लोग रुकने वाले नहीं हैं. पूरे देशभर में आंदोलन करेंगे."
उन्होंने कहा कि जब बड़े-बड़े लोगों का कर्जा माफ किया जा सकता है, तो फिर आम लोगों क्यों नहीं किया जा सकता है. चौधरी ने कहा कि दिल्ली के अलावा कई जगहों से ऐसी खबरें सामने आ चुकी हैं कि कुछ लोगों ने अपने ऊपर कर्जा होने और उसे न चुका पाने के कारण आत्महत्या कर ली है.
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