दिल्ली में 20 साल की युवती से दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी को दिल्ली पुलिस ने करीब 10 महीने बाद विदेश से गिरफ्तार कर भारत वापस लाया है. आरोपी वारदात के बाद दुबई भाग गया था और वहां अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था. पुलिस ने इंटरपोल और कई केंद्रीय एजेंसियों की मदद से उसे पकड़ने में सफलता हासिल की.
आरोपी की पहचान 38 वर्षीय सजीर पल्ली मूप्पन उर्फ सजीर PM के रूप में हुई है. वह केरल के कन्नूर का रहने वाला है और जॉयलुक्कास कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर काम करता था.
पार्टी के बाद युवती से दुष्कर्म का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2025 को दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके के एक लाउंज में कंपनी के कर्मचारियों की जन्मदिन पार्टी हुई थी. आरोप है कि पार्टी के दौरान आरोपी ने 20 साल की युवती को शराब और नशीला पदार्थ दिया. इसके बाद वह उसे करोल बाग के एक होटल में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया.
बताया गया है कि होटल में चेक-इन करते समय आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति की आईडी का इस्तेमाल किया था. घटना के बाद पीड़िता ने अपनी कंपनी में शिकायत की.
जांच शुरू होते ही भारत छोड़कर भागा
पीड़िता की शिकायत पर कंपनी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े कानून (POSH) के तहत जांच शुरू की. पुलिस के मुताबिक, आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ और 5 जनवरी 2026 को भारत छोड़कर दुबई चला गया. वहां वह एक प्लंबिंग की दुकान पर काम करने लगा.
इस बीच, पीड़िता ने 18 फरवरी 2026 को दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके आधार पर करोल बाग थाने में FIR नंबर 237/26 दर्ज की गई.
इंटरपोल की मदद से जारी हुआ रेड कॉर्नर नोटिस
जांच में आरोपी के विदेश भागने की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की. 30 अप्रैल 2026 को BHARATPOL के जरिए इंटरपोल को रेफरेंस भेजा गया. इसके बाद 7 जुलाई 2026 को आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया.
इस कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने CBI, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम किया.
4 नवंबर को भारत लाया गया आरोपी
आरोपी को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की तीन सदस्यीय टीम इंस्पेक्टर कपिल खोखर के नेतृत्व में 31 अक्टूबर 2026 को अबू धाबी पहुंची. टीम ने 4 नवंबर 2026 को आरोपी को भारत वापस लाया. अब पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि अपराधी चाहे देश में हो या विदेश में, उसे कानून के सामने लाया जाएगा.