कार्नी का दोहरापन! ट्रूडो की नीति पर चल रहे हैं कनाडाई पीएम, इस मामले में भारतीयों पर बढ़ी सख्ती

Indians deported from Canada: कनाडा में बसे भारतीयों के लिए हालात दिन-ब-दिन मुश्किल होते जा रहे हैं. इमिग्रेशन सिस्टम में सख्ती और सरकार की बदली हुई नीति के चलते अब बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को जबरन देश से निकाला जा रहा है.

Carney duplicity Canadian PM is following Trudeau policy case as increased severity of Indian restrictions
Image Source: ANI/ File

Indians deported from Canada: कनाडा में बसे भारतीयों के लिए हालात दिन-ब-दिन मुश्किल होते जा रहे हैं. इमिग्रेशन सिस्टम में सख्ती और सरकार की बदली हुई नीति के चलते अब बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को जबरन देश से निकाला जा रहा है.

कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ 2024 में जुलाई तक ही 1,891 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है, और यह आंकड़ा साल खत्म होने से पहले ही 2023 के आंकड़े (1,997) के करीब पहुंच चुका है. अगर यही रफ्तार रही, तो यह आंकड़ा एक नया रिकॉर्ड बना सकता है.

छह गुना बढ़ा डिपोर्ट का आंकड़ा, भारत टॉप-2 में शामिल

साल 2019 में जहां सिर्फ 625 भारतीय नागरिकों को कनाडा से हटाया गया था, वहीं 2024 में यह संख्या छह गुना से भी अधिक हो गई है. CBSA की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि बीते छह वर्षों में भारतीयों को डिपोर्ट करने की दर लगातार बढ़ रही है. वर्तमान में, मैक्सिको (2,678) के बाद भारत (1,891) कनाडा से जबरन निकाले गए विदेशी नागरिकों की सूची में दूसरे स्थान पर है. तीसरे नंबर पर कोलंबिया (981) है.

छात्रों और वर्क परमिट धारकों पर गिरी गाज

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल अपराधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई भारतीय छात्र और अस्थायी वीज़ा धारक भी इस लपेटे में आ रहे हैं. आमतौर पर, इन पर वीज़ा की शर्तें तोड़ने, वर्क परमिट के उल्लंघन, या अन्य इमिग्रेशन नियमों की अवहेलना के आरोप लगाए जाते हैं, जिसके कारण उन्हें डिपोर्टेशन की प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है.

पीएम मार्क कार्नी की सख्त चेतावनी

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में एक सार्वजनिक बयान में साफ कर दिया कि विदेशी नागरिकों के अपराधों पर अब कोई रियायत नहीं दी जाएगी.
उनके अनुसार, सरकार इमिग्रेशन सिस्टम में व्यापक सुधार कर रही है और इसके तहत विदेशी अपराधियों पर कार्रवाई तेज़ की जा रही है. कार्नी ने कहा, “हम संसाधनों को मज़बूत कर रहे हैं, निगरानी प्रणाली को बेहतर बना रहे हैं और अब जोखिम वाले नागरिकों को देश से बाहर करने में कोई ढील नहीं दी जाएगी.”

भारतीय नामों से जुड़ी आपराधिक घटनाओं ने बढ़ाई सख्ती

कनाडा की सख्ती सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों ने इस रुख को और कठोर बना दिया है.
10 अक्टूबर को पील रीजनल पुलिस (PRP) ने बताया कि मेल चोरी से जुड़े 450 मामलों में आठ भारतीय मूल के व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर कुल 344 आपराधिक चार्ज लगाए गए हैं.

इनमें सुमनप्रीत सिंह, गुरदीप चट्ठा, जशनदीप जट्टाना, हरमन सिंह, जसनप्रीत सिंह, मनरूप सिंह, राजबीर सिंह और उपिंदरजीत सिंह का नाम शामिल हैं. पुलिस CBSA के साथ मिलकर जांच कर रही है कि क्या इन्हें कानूनी रूप से देश से निकाला जा सकता है.

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