Delhi Jal Board Scam: क्या है वो टेंडर घोटाला, जिसमें सत्येंद्र जैन समेत 6 गिरफ्तार? जानें पूरा मामला

Delhi Jal Board Tender Scam: दिल्ली जल बोर्ड के STP टेंडर में कथित अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के मामले में ACB ने सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. कार्रवाई के बाद AAP ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला है.

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Delhi Jal Board Tender Scam: दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित टेंडर घोटाले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पूर्व IAS अधिकारी और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय सहित टेंडर प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. जांच एजेंसी का आरोप है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडर में नियमों को इस तरह बदला गया कि एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके.

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब वह पंजाब में आम आदमी पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े हुए हैं. उन्हें पंजाब में पार्टी का सह-प्रभारी भी बनाया गया है और अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं. गिरफ्तारी के बाद AAP ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है.

क्या है दिल्ली जल बोर्ड टेंडर घोटाले का मामला?

ACB के मुताबिक, इस मामले में 11 मई 2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी. शिकायत दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की ओर से की गई थी. जांच का केंद्र दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन के लिए जारी किया गया टेंडर है. जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में सामान्य प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर ऐसी तकनीकी और पात्रता संबंधी शर्तें रखी गईं, जिनका फायदा एक विशेष कंपनी को मिल सके. एजेंसी के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितताओं के साथ-साथ आपराधिक साजिश भी की गई.

STP टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर

ACB की जांच में सामने आया कि टेंडर की तकनीकी शर्तों को कथित तौर पर इस तरह तैयार किया गया था कि M/s Eurotech Environment Private Limited को फायदा मिल सके. एजेंसी के अनुसार, प्रतिस्पर्धा सीमित करने के लिए कुछ ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिनसे अन्य संभावित कंपनियों के लिए टेंडर में शामिल होना मुश्किल हो गया. जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई. इसके अलावा तकनीक और मीडिया से संबंधित कुछ प्रतिबंधात्मक शर्तों को टेंडर में शामिल किया गया. ट्रीटेड पानी की गुणवत्ता से जुड़े जरूरी पैरामीटर हटाए जाने का आरोप भी जांच का हिस्सा है. ACB इन सभी पहलुओं को टेंडर प्रक्रिया में कथित हेरफेर से जोड़कर देख रही है.

सत्येंद्र जैन समेत किन छह लोगों की गिरफ्तारी हुई?

ACB ने FIR नंबर 10/2024 की जांच के दौरान छह लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें दिल्ली सरकार के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और निजी कंपनियों से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा तथा पंकज वर्मा शामिल हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपी अलग-अलग स्तर पर टेंडर प्रक्रिया और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े हुए थे. ACB अब यह पता लगाने में जुटी है कि टेंडर तैयार करने से लेकर उसे मंजूरी दिलाने और कथित रिश्वत की रकम के लेनदेन तक किसकी क्या भूमिका रही.

रिश्वत के पैसे को लेकर क्या है ACB का दावा?

मामले की वित्तीय जांच में कथित तौर पर कमीशन और रिश्वत की रकम को अलग-अलग कंपनियों और फर्मों के माध्यम से घुमाने के संकेत मिले हैं. ACB का आरोप है कि M/s Srijanhar और M/s AN Enterprises के जरिए पैसे के लेनदेन को अंजाम दिया गया.

जांच एजेंसी के अनुसार, Eurotech से जुड़ी कंपनियों से नागेंद्र यादव की फर्म में बड़ी रकम पहुंची. इसके बाद कथित तौर पर इसी नेटवर्क के माध्यम से रकम को आगे ट्रांसफर किया गया. एजेंसी ने आरोप लगाया है कि AN Enterprises के जरिए पूर्व CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों से जुड़े बैंक खातों में करीब 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत भेजी गई.

ACB के मुताबिक, इस रकम से कथित तौर पर संपत्ति भी खरीदी गई. हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी. एजेंसी फिलहाल कथित मनी ट्रेल और उससे जुड़ी संपत्तियों की पड़ताल कर रही है.

इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच

ACB ने अपनी जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण बताया है. एजेंसी के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से कथित तौर पर टेंडर की प्रतिबंधात्मक शर्तों और करिजेंडम से संबंधित बातचीत के संकेत मिले हैं. जांच एजेंसी अब इन साक्ष्यों को वित्तीय लेनदेन और टेंडर प्रक्रिया से जोड़कर देख रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में कथित तौर पर सरकारी धन को नुकसान पहुंचाने के पहलू की भी जांच की जा रही है. पूरी तस्वीर सामने आने के लिए मनी ट्रेल, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है.

18 अगस्त को पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी

ACB के अनुसार, छहों आरोपियों से पूछताछ के बाद 18 अगस्त 2026 को उन्हें गिरफ्तार किया गया. एजेंसी अब कथित भ्रष्टाचार में शामिल अन्य लोगों, वित्तीय लेनदेन और इससे जुड़ी संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है. जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कथित तौर पर टेंडर की शर्तों को तैयार करने और लागू करने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे. इसके साथ ही एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रिश्वत की रकम आखिर किन-किन लोगों तक पहुंची और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया.

सत्येंद्र जैन पहले भी रह चुके हैं जेल

सत्येंद्र जैन इससे पहले भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद जेल जा चुके हैं. उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. अब दिल्ली जल बोर्ड के कथित टेंडर घोटाले में उनकी गिरफ्तारी ने एक बार फिर दिल्ली की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है.

इस बार उनकी गिरफ्तारी उस समय हुई है जब वह आम आदमी पार्टी के पंजाब संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.

केजरीवाल ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक कार्रवाई

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन को एक बार फिर राजनीतिक कारणों से गिरफ्तार कराया गया है. केजरीवाल ने दावा किया कि जिस तरह पिछले मामले को लेकर AAP नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, उसी तरह यह मामला भी अंततः गलत साबित होगा. उन्होंने गिरफ्तारी को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि आम आदमी पार्टी सत्येंद्र जैन के साथ मजबूती से खड़ी है. केजरीवाल ने यह भी सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ता है तो उस दौरान होने वाली मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा.

संजय सिंह ने पंजाब चुनाव से जोड़ा मामला

AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है. संजय सिंह ने दावा किया कि इससे पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भी आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई थी. उन्होंने कहा कि बीजेपी राजनीतिक तौर पर AAP को घेरने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रही है.

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