नई दिल्ली: दिल्ली और आसपास के इलाकों में कई संगीन आपराधिक वारदातों में शामिल रहे कुख्यात अपराधी राशिद उर्फ ‘केबलवाला’ को अजरबैजान की राजधानी बाकू में हिरासत में ले लिया गया है. सुरक्षा एजेंसियों और इमिग्रेशन अधिकारियों के मुताबिक, वह तुर्की के इस्तांबुल शहर से बाकू पहुंचा था, जहां उसके यात्रा दस्तावेजों में गड़बड़ी के चलते उसे हिरासत में लिया गया.
सूत्रों के अनुसार, राशिद को बाकू के हैदर अलीयेव अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त पकड़ा गया जब वह देश में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था. इमिग्रेशन जांच के दौरान अधिकारियों को उसके दस्तावेजों में कई विसंगतियां मिलीं, जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. हालांकि यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि उसे फिलहाल जेल में बंद किया गया है या फिर स्थानीय निगरानी में रखा गया है.
भारत सरकार की एजेंसियां सक्रिय
राशिद की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे भारत लाने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है. सूत्र बताते हैं कि भारत की खुफिया एजेंसियां और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल लगातार अजरबैजान की स्थानीय अथॉरिटीज से संपर्क में हैं, ताकि उसे प्रत्यर्पण (extradition) के ज़रिये भारत लाया जा सके.
हाशिम बाबा गैंग का संचालन कर रहा था
राशिद केबलवाला, दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा का बेहद करीबी माना जाता है. हाशिम बाबा वर्तमान में दिल्ली की एक जेल में बंद है, और उसके गिरफ़्तारी के बाद राशिद ही उसके गैंग का संचालन कर रहा था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, राशिद की भूमिका न केवल हाशिम बाबा गैंग में अहम थी, बल्कि उसके तार लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से भी जुड़े हुए हैं, जो उत्तर भारत में चल रहे संगठित अपराध के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक माना जाता है.
कई हत्याओं में शामिल होने के आरोप
पिछले दो वर्षों में दिल्ली और एनसीआर में हुई कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं में राशिद के नाम का ज़िक्र सामने आया है.
केबलवाला का दावा- जैन निशाना नहीं था
एक मीडिया बातचीत में, जो दिसंबर 2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ हुई थी, राशिद ने दावा किया था कि वह कुछ हत्याओं के पीछे ज़रूर था, लेकिन सुनील जैन की हत्या उसका उद्देश्य नहीं थी. उसके अनुसार, असली निशाना 'विराट' नाम का व्यक्ति था, लेकिन गलती से जैन मारा गया. उसने यह भी आरोप लगाया था कि गोलू नामक अपराधी ने दो विरोधी गुटों से पैसे लेकर दोनों पक्षों से धोखा किया और इसी विवाद के चलते हिंसा हुई.