नई दिल्ली: इस साल दिवाली के मौके पर दिल्ली में शराब की बिक्री ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. त्योहारों और शादियों के मौसम में लोगों की खरीदारी ने सरकार के खजाने में अरबों रुपये का आबकारी राजस्व जमा कर दिया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिवाली सीजन में सरकार को करीब 600 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत ज्यादा है.
दिवाली से पहले 15 दिनों में रिकॉर्ड बिक्री
दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दिवाली से पहले के 15 दिनों में सरकारी शराब दुकानों से लगभग 594 करोड़ रुपये की बिक्री हुई. वहीं, पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 516 करोड़ रुपये था. इससे स्पष्ट है कि इस बार राजधानी में शराब की खपत में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. सरकार को उम्मीद है कि नवंबर और दिसंबर में शादी और उत्सवों के मौसम में यह रफ्तार और भी तेज होगी.
आबकारी टैक्स और वैट से भारी कमाई
साल 2025-26 के पहले छह महीनों में दिल्ली सरकार ने आबकारी टैक्स और वैट से 4,192 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाई की, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 3,731 करोड़ रुपये था. मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार को उम्मीद है कि शराब से होने वाला रेवेन्यू 6,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुँच सकता है.
शराब बिक्री में सुधार और शेयर बाजार पर असर
दिल्ली में शराब की खपत त्योहारों और शादियों के मौसम में हमेशा बढ़ जाती है. पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने नई आबकारी नीति लागू की, जिससे शराब दुकानों की व्यवस्था और वितरण में सुधार हुआ है. अब राजधानी में सरकारी और निजी दोनों तरह की दुकानों पर शराब आसानी से उपलब्ध है. इस बढ़ती बिक्री का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है. रेडिको खेतान, एलाइड ब्लेंडर्स, तिलकनगर इंडस्ट्रीज और जीएम ब्रेवरीज जैसी कंपनियों के शेयरों में 4 से 70 प्रतिशत तक तेजी देखी गई है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने आत्मघाती हमले की साजिश को किया नाकाम, ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार