नई दिल्ली: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक सख्त और प्रभावी कदम उठाया है. अब राजधानी में कोई भी वाहन जो वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं रखता है, उसे पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी जैसे ईंधन नहीं दिए जाएंगे. इस नए नियम को स्थायी रूप से लागू किया जा रहा है, ताकि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके और नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को लेकर कहा कि दिल्ली सरकार साफ और स्वस्थ वातावरण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि राजधानी में वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन चुका है और इससे निपटने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है. यह नया नियम उसी दिशा में एक अहम पहल है. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत हर वाहन मालिक के लिए PUC सर्टिफिकेट रखना अनिवार्य है.
दिल्ली में अब…
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 22, 2026
NO PUC-NO FUEL
राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारी सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए यह फैसला लिया है कि दिल्ली में अब बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा।
सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती… pic.twitter.com/Z9WDxNAO4X
PUC सर्टिफिकेट की अहमियत और वैधता
PUC सर्टिफिकेट वाहन के रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद बनवाना जरूरी हो जाता है. यह सर्टिफिकेट वाहन के प्रदूषण स्तर को प्रमाणित करता है और इसकी वैधता एक साल के लिए होती है. इस सर्टिफिकेट को वाहन में रखना और अधिकारियों के द्वारा किए जाने वाले जांच के दौरान दिखाना आवश्यक होता है. कई बार लोग इस नियम की अनदेखी करते हुए बिना PUC सर्टिफिकेट के अपने वाहनों को सड़क पर चलाते हैं, जिससे प्रदूषण में इजाफा होता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा निर्धारित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) में इस नियम के सख्त पालन का आदेश दिया गया है.
नियमों तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अब दिल्ली में पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन मिले, जिनके पास वैध PUC सर्टिफिकेट है. यह सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल-डीजल और गैस सप्लाई कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, परिवहन विभाग, नगर निगम और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को भी इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास
दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है. वाहनों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करना इस प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके लिए सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों का PUC सर्टिफिकेट समय-समय पर बनवाते रहें और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित रखने में योगदान दें. इस नए आदेश से अगर सभी लोग नियमों का पालन करेंगे, तो राजधानी की हवा को साफ और स्वस्थ बनाने में मदद मिल सकती है.
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