नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक एक्शन जारी, बीजापुर और गढ़चिरौली में चार माओवादी ढेर; 12 ने किया सरेंडर

Chhattisgarh News: देश के अंदरूनी सुरक्षा मोर्चे पर एक बार फिर सुरक्षाबलों को अहम कामयाबी मिली है. छत्तीसगढ़ के बीजापुर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिलों में हुए दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल चार माओवादी मारे गए हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 12 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है.

Decisive action against Naxalites continues four Maoists killed in Bijapur and Gadchiroli
Image Source: ANI/ File

Chhattisgarh News: देश के अंदरूनी सुरक्षा मोर्चे पर एक बार फिर सुरक्षाबलों को अहम कामयाबी मिली है. छत्तीसगढ़ के बीजापुर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिलों में हुए दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल चार माओवादी मारे गए हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 12 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है.

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब नक्सली संगठन की ओर से शांति वार्ता की पेशकश की जा रही है, लेकिन सरकार इसे "दबाव की रणनीति" मानकर साफ इनकार कर चुकी है.

बीजापुर और गढ़चिरौली में मुठभेड़, भारी हथियार और विस्फोटक बरामद

बीजापुर जिले में बुधवार दोपहर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शव बरामद हुए हैं. मौके से 303 राइफल, बीजीएल लांचर और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है. दूसरी ओर, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भी सुरक्षाबलों ने दो माओवादियों को ढेर कर दिया. पुलिस इन चारों माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया में जुटी हुई है.

नारायणपुर में 12 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, कई इनामी भी शामिल

इधर, छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है जहां 12 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. इनमें शामिल हैं:

  • माडवी आयतु और माडवी देवा- ₹5 लाख के इनामी
  • कमली- ₹3 लाख की इनामी
  • माडवी हिडमा- ₹2 लाख की इनामी

इस वर्ष अब तक नारायणपुर जिले में 177 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

माओवादियों ने फिर जताई शांति वार्ता की इच्छा, सरकार सख्त

15 अगस्त को माओवादी संगठन की ओर से एक बार फिर शांति वार्ता की पेशकश की गई है. प्रवक्ता "अभय" के नाम से आए एक पत्र में संगठन ने हथियार छोड़ने की इच्छा जताई है. हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं.

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया है, “मुख्यधारा में लौटने का एकमात्र रास्ता आत्मसमर्पण है. माओवादियों से किसी तरह की बातचीत नहीं होगी.” केंद्रीय एजेंसियां भी इस प्रस्ताव को "माओवादी संगठन की अंतिम चाल" मान रही हैं और इसे विश्वसनीय नहीं मानतीं. एजेंसियों के अनुसार, पत्र की भाषा, ईमेल और फोटो संदिग्ध हैं. गौरतलब है कि यह पिछले 10 महीनों में सातवीं बार है जब माओवादियों ने शांति वार्ता की पेशकश की है.

ग्रामीणों पर नक्सली हिंसा जारी, दो की हत्या

जहां एक ओर माओवादी वार्ता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी हिंसात्मक कार्रवाइयां जारी हैं. 

  • बीजापुर के जांगला थाना क्षेत्र में दशरू राम ओयाम की हत्या 
  • दंतेवाड़ा के अरनपुर थाना क्षेत्र में वंड़ी कोर्राम की हत्या
  • बालाघाट (म.प्र.) में देवेंद्र यादव नामक ग्रामीण का अपहरण

बताया जा रहा है कि सभी मामलों में पुलिस मुखबिरी के संदेह में माओवादियों ने ये कदम उठाए. बालाघाट में अपहरण के बाद कुछ ग्रामीणों ने गोली चलने की आवाजें और शव देखे जाने की जानकारी दी है, हालांकि पुलिस को शव अब तक नहीं मिला है.

बस्तर में माओवादी हिंसा के आंकड़े

  • 2024 में अब तक मारे गए नागरिक: लगभग 25
  • 2023 में माओवादी हिंसा से मौतें: 68 नागरिक
  • 2023-24 में मारे गए माओवादी: 463
  • आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी: 1500

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