रेलवे ट्रैक पर करीब 20 फीट लंबा लोहे का एंगल, वंदे भारत को पलटने की साजिश नाकाम; अहमदाबाद में टला बड़ा हादसा

अहमदाबाद के चांदलोडिया और खोडियार रेलवे स्टेशनों के बीच एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने रेलवे सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

conspiracy to overturn Vande Bharat failed in Ahmedabad
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अहमदाबाद के चांदलोडिया और खोडियार रेलवे स्टेशनों के बीच शनिवार रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने रेलवे सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वेरावल से साबरमती जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 26902) को एक सुनियोजित साजिश के तहत नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई. रेलवे ट्रैक पर लगभग 20 फीट लंबा लोहे का एंगल रखा गया था, जिसे देखकर लोकोपायलट ने समय रहते ट्रेन रोक दी और सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली.

खतरे को भांपकर रोकी ट्रेन, बचीं सैकड़ों ज़िंदगियां

22 जून की रात 8:58 बजे जब वंदे भारत ट्रेन खोडियार स्टेशन के पास पहुंच रही थी, तभी ट्रेन के लोकोपायलट को ट्रैक पर कुछ असामान्य दिखाई दिया. बिना देर किए उन्होंने आपात ब्रेक लगाया और ट्रेन को रोका. को-पायलट की मदद से जब जांच की गई तो पता चला कि ट्रैक पर एक भारी लोहे का एंगल रखा गया था, जिसे अगर समय पर नहीं हटाया जाता तो एक भीषण रेल हादसा हो सकता था. मात्र 9 मिनट की देरी के बाद ट्रेन को दोबारा सुरक्षित रवाना कर दिया गया, जिससे यात्रियों को ज्यादा असुविधा भी नहीं हुई.

RPF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई शुरू

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई. रेलवे कंट्रोल से सीनियर सेक्शन इंजीनियर भगवत बेहरा को तुरंत अलर्ट भेजा गया. जांच में यह बात सामने आई कि एंगल को जानबूझकर इस तरह रखा गया था जिससे तेज़ रफ्तार में आ रही ट्रेन उससे टकरा जाए और दुर्घटना हो जाए. इससे कुछ देर पहले एक खाली मालगाड़ी भी इसी ट्रैक से होकर गुज़री थी, जो बिना किसी रुकावट के निकल गई. इससे यह साफ हो गया कि वंदे भारत को ही लक्ष्य बनाकर यह साजिश रची गई थी.

साजिशकर्ता की तलाश जारी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना के बाद चांदलोडिया पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध की तलाश की जा रही है. जांच में ट्रैक पर ऐसा हिस्सा भी मिला जो एक ओर मुड़ गया था—यानी अगर ट्रेन नहीं रोकी जाती, तो टक्कर तय थी. यह लोकोपायलट की सतर्कता और शायद किस्मत का ही नतीजा था कि एक बड़ी दुर्घटना टल गई.

रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद आम जनता और विशेषज्ञों के बीच चिंता का माहौल है. सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच कोई व्यक्ति रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंच गया और इतनी खतरनाक साजिश को अंजाम देने की कोशिश कैसे कर सका?

सुरक्षा होगी और सख्त

रेलवे प्रशासन इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है. संभावना है कि अब संवेदनशील रेल मार्गों पर विशेषकर रात के समय निगरानी को और बढ़ाया जाएगा. ड्रोन निगरानी, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती जैसे कदमों पर विचार किया जा रहा है.

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