Stove and Sink Vastu: घर की रसोई केवल खाना बनाने की जगह नहीं होती, बल्कि इसे परिवार की सेहत, खुशहाली और ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है. वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि रसोई का हर तत्व अलग-अलग ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है. इसमें अग्नि तत्व यानी चूल्हा और जल तत्व यानी सिंक एक दूसरे के विपरीत माने जाते हैं. जब ये दोनों एक ही स्लैब पर या पास-पास होते हैं, तो माना जाता है कि घर में ऊर्जा का असंतुलन पैदा हो सकता है.
इसे आर्थिक असंतुलन, घर में तनाव, आपसी मतभेद और मानसिक थकान के लिए जिम्मेदार माना जाता है. कई बार किराए के घर या पहले से बने फ्लैट में किचन का लेआउट बदल पाना मुश्किल होता है. ऐसे में कुछ आसान और प्रभावशाली वास्तु उपाय अपनाकर इस स्थिति को संतुलित किया जा सकता है.
लकड़ी का पार्टिशन: ऊर्जा का संतुलन बनाए
चूल्हा और सिंक के बीच लकड़ी का छोटा बोर्ड या पतला पार्टिशन रखना सबसे सरल उपाय माना जाता है. लकड़ी को संतुलन और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है, जो अग्नि और जल तत्व के बीच सामंजस्य बनाने में मदद करता है. पार्टिशन बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए, बस इतना कि दोनों तत्वों के बीच अलगाव स्पष्ट हो और ऊर्जा के टकराव को रोका जा सके.
हरा पौधा: सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाए
किचन में हरे रंग के पौधे का होना वास्तु में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन का संकेत देता है. चूल्हा और सिंक के बीच छोटा पौधा जैसे मनी प्लांट या कोई पत्तेदार पौधा रखा जा सकता है. इससे न केवल ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है, बल्कि रसोई का माहौल भी सुंदर और ताजगी भरा दिखाई देता है. ध्यान रहे कि पौधा हमेशा ताजा और स्वस्थ रहे, सूखा या मुरझाया पौधा नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है.
क्रिस्टल या पिरामिड: नकारात्मक ऊर्जा को कम करें
वास्तु में क्रिस्टल या पिरामिड को चूल्हा और सिंक के पास रखने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है. यह एक ऊर्जा संतुलन उपकरण की तरह काम करता है और रसोई में सकारात्मक माहौल बनाए रखता है. साथ ही यह सजावट में भी आकर्षक दिखता है और छोटे क्रिस्टल या पिरामिड आसानी से किचन पर रखा जा सकता है.
सिंक को साफ और सूखा रखें
सिंक में जमा पानी जल तत्व की अधिक सक्रियता को बढ़ाता है, जो वास्तु में असंतुलन का कारण बन सकता है. बर्तन धोने के बाद सिंक को हमेशा पोंछकर सूखा रखना चाहिए. यह न केवल ऊर्जा संतुलन बनाए रखता है बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ के लिहाज से भी लाभकारी है.
चूल्हा ढककर रखें
अगर रसोई में चूल्हा और सिंक बहुत पास हैं, तो काम खत्म होने के बाद चूल्हे को ढक देना एक आसान और प्रभावशाली उपाय है. इससे अग्नि तत्व की सक्रियता नियंत्रित रहती है और दोनों तत्वों के सीधे प्रभाव को कम किया जा सकता है. आजकल बाजार में स्लैब कवर आसानी से उपलब्ध हैं, जो इस काम के लिए उपयुक्त हैं.
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