गाजा में नहीं रुक रहा संघर्ष का दौर! अब इजरायल ने नहीं, इस समूह ने हमास के लड़ाकों को किया ढेर

Doghmush Community Hamas Conflict: गाजा में जारी तनाव और हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. इजरायली सेना के हटने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि गाजा में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगे, लेकिन अब वहां आंतरिक संघर्ष ने एक नया मोड़ ले लिया है.

conflict in Gaza continues not Israel but Dagmas tribe has killed Hamas fighters
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Doghmush Community Hamas Conflict: गाजा में जारी तनाव और हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. इजरायली सेना के हटने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि गाजा में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगे, लेकिन अब वहां आंतरिक संघर्ष ने एक नया मोड़ ले लिया है. हाल ही में गाजा के तेल अल हवा इलाके में हमास और एक प्रभावशाली जनजाति ‘दगमास’ के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

बीबीसी अरबी की रिपोर्ट के अनुसार, यह संघर्ष एक बिल्डिंग पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ. बताया गया है कि इस इमारत पर फिलहाल दगमास जनजाति के लड़ाकों का नियंत्रण है, लेकिन हमास इस पर अपना नियंत्रण स्थापित करना चाहता था. इसी वजह से दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ा और हिंसक टकराव हुआ. इस झड़प में हमास के कम से कम 8 लड़ाकों की मौत हो गई है, जबकि 24 से अधिक घायल हुए हैं. वहीं, दगमास जनजाति का दावा है कि इस हिंसा में हमास ने उनके 21 सदस्यों की हत्या कर दी है.

कौन हैं दगमास जनजाति?

हुर्रियत अखबार के मुताबिक, दगमास एक प्रभावशाली जनजाति है, जिसकी जड़ें तुर्की में हैं. यह समुदाय सालों पहले विस्थापित होकर गाजा और फिलिस्तीन के अन्य हिस्सों में आकर बसा था. गाजा में यह जनजाति राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी सक्रिय रही है और अक्सर सत्ता संघर्ष में हिस्सेदारी लेती रही है.

बीबीसी मॉनिटरिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार, दगमास जनजाति के कुछ गुटों का संबंध अल-इस्लाम नामक संगठन से रहा है, जो पहले अलकायदा से भी जुड़ा रहा है. 2006 के आसपास इस जनजाति के कुछ लड़ाके अलकायदा की ओर से इजरायल के खिलाफ लड़ाई में शामिल हुए थे.

हालांकि गाजा में दगमास समुदाय के कुछ सदस्य हमास के साथ भी जुड़े हुए हैं, लेकिन समय-समय पर दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई देखी जाती रही है. वर्तमान संघर्ष भी इसी लंबी टकराव की कड़ी है.

अवैध गतिविधियों में संलिप्तता

माना जाता है कि दगमास जनजाति के कई सदस्य गाजा में अपने दबदबे को बनाए रखने के लिए हथियारों की तस्करी, रंगदारी वसूली, और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं. इस जनजाति की महिलाएं भी कई बार इन गतिविधियों में भाग लेती रही हैं, जिससे उनकी छवि एक सशक्त लेकिन विवादास्पद समुदाय के रूप में बनी है.

बताया जाता है कि दगमास के लड़ाके जॉर्डन के रास्ते से हथियारों की तस्करी करते हैं, जो उनके प्रभाव को बनाए रखने में सहायक होता है. अनुमान है कि गाजा में इस जनजाति के करीब 20,000 लोग रहते हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में फैले हुए हैं.

हमास का गाजा पर दोबारा नियंत्रण का प्रयास

दूसरी ओर, हमास फिर से गाजा पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहा है. इजरायली हमले और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच हमास ने लगभग 7,000 लड़ाकों की तैनाती गाजा में की है. सुरक्षा कारणों से हमास ने गाजा के नागरिकों से घर से बाहर न निकलने और बंकरों में रहने की अपील की है. संगठन को आशंका है कि इजराइल संघर्षविराम के बावजूद फिर से हमला कर सकता है.

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