UP Scholarship 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के लाखों छात्रों को एक साथ राहत दी है. मुख्यमंत्री ने 28 लाख से ज्यादा छात्रों के खातों में 3350 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की है. यह राशि सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी गई है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनी है. खास बात यह है कि इस स्कॉलरशिप योजना से हर वर्ग के छात्र लाभान्वित हुए हैं, चाहे वह सामान्य वर्ग, ओबीसी, एससी, एसटी या अल्पसंख्यक वर्ग से हों.
किसे कितनी राशि मिली?
इस स्कॉलरशिप वितरण योजना में सबसे ज्यादा लाभ ओबीसी वर्ग के छात्रों को हुआ है. आंकड़ों के अनुसार, करीब 13.52 लाख ओबीसी छात्रों के खातों में कुल 1838.59 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. वहीं, सामान्य वर्ग के लगभग 4.95 लाख छात्रों को 779.10 करोड़ रुपये की राशि मिली है. अनुसूचित जाति (एससी) के 6.68 लाख छात्रों को 467.94 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 7,236 छात्रों को 11.61 करोड़ रुपये का लाभ मिला है. इसके अलावा, अल्पसंख्यक वर्ग के 2.75 लाख छात्रों के खाते में 252.76 करोड़ रुपये भेजे गए हैं.
हर स्तर के छात्र हुए लाभान्वित
इस योजना का दायरा बहुत बड़ा है, और इसमें स्कूल से लेकर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक के सभी छात्रों को शामिल किया गया है. कक्षा 9 और 10 के छात्र, 11-12 के विद्यार्थी, ग्रेजुएशन से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्र सभी को इसका फायदा मिला है. यानी यह स्कॉलरशिप योजना हर स्तर के छात्रों के लिए बेहद सहायक साबित हो रही है.
स्कॉलरशिप राशि का निर्धारण
यह स्कॉलरशिप राशि सभी छात्रों के लिए एक जैसी नहीं है, क्योंकि यह कक्षा, कोर्स और फीस के आधार पर निर्धारित की जाती है. आम तौर पर कक्षा 9-10 के छात्रों को कम राशि मिलती है, जबकि कक्षा 11-12 के छात्रों को लगभग 10 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है. ग्रेजुएशन स्तर के छात्रों को लगभग 20 हजार रुपये मिलते हैं, और पोस्टग्रेजुएशन या प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्रों को 30 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप मिल सकती है.
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