लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर, 2025 को मध्य प्रदेश के धार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ और आठवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया. यह अभियान देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य और पोषण पहलों में से एक है, जो मातृ-शिशु स्वास्थ्य और नारी सशक्तीकरण को नई दिशा देगा. उत्तर प्रदेश में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के केजीएमयू में आयोजित भव्य समारोह में इस अभियान की शुरुआत की. इस अवसर पर उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन वितरण और मानदेय वृद्धि की घोषणा की, जो नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों का स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों में जांच कराएं. पीएम ने अपने विजन ‘विकसित भारत’ के चार स्तंभों नारी, युवा, किसान और गरीब पर जोर देते हुए नारी शक्ति को राष्ट्र की प्रगति का मूल आधार बताया. विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर शुरू हुआ यह अभियान स्वस्थ नारी और सशक्त परिवार की नींव को मजबूत करेगा.
यूपी में स्वास्थ्य क्रांति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में 20,324 स्वास्थ्य शिविरों का शुभारंभ किया. इन शिविरों में रक्त, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर, एनीमिया और टीबी की निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध होगी. सीएम योगी ने बताया कि यह अभियान गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य जागरूकता पर केंद्रित है. इसके अतिरिक्त, 507 रक्तदान शिविरों के माध्यम से युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा. यह 15 दिवसीय अभियान न केवल जांच, बल्कि निशुल्क उपचार का भी एक सशक्त माध्यम बनेगा.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान
सीएम योगी ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कर इस अभियान को भावनात्मक रूप से जोड़ा. उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन वितरण और मानदेय वृद्धि की घोषणा की. योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों की मेहनत को सम्मान देने के लिए उनकी ट्रेनिंग और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा. यह कदम नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.
नारी सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम
सीएम योगी ने नारी सशक्तीकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलें नारी शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं. उन्होंने बताया कि यूपी में पिछले आठ वर्षों में बेटियों की निशुल्क शिक्षा, कन्या सुमंगला योजना के तहत 25,000 रुपये का पैकेज और सामूहिक विवाह योजना में 1 लाख रुपये की सहायता दी गई. इसके अलावा, 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों और 10 लाख महिला स्वयं-सहायता समूहों ने 1 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है.
स्वास्थ्य क्षेत्र में यूपी की उपलब्धियां
सीएम योगी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में यूपी की प्रगति पर प्रकाश डाला. पिछले आठ वर्षों में 41 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए, जिसमें हाल ही में अमेठी का मेडिकल कॉलेज शामिल है. शिशु मृत्यु दर 45 से घटकर 37 और मातृ मृत्यु दर 141 पर आई है. एनीमिया में 5.1%, स्टंटिंग में 6.6%, और अल्पवजन में 7.4% का सुधार हुआ है. इंसेफेलाइटिस जैसी घातक बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है, और मलेरिया, डेंगू, कालाजार और टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से काम हो रहा है.
सामुदायिक सहभागिता और रक्तदान की सराहना
सीएम योगी ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में महिला स्वयं-सहायता समूहों की भूमिका की प्रशंसा की. उन्होंने बताया कि THR प्लांट्स से 60,000 महिलाएं प्रतिमाह 8,000 रुपये कमा रही हैं, और नेफेड के सहयोग से उनकी आय और बढ़ेगी. रक्तदान और पोषण पोटली वितरण जैसे सामुदायिक प्रयासों को भी सराहा गया. योगी ने 224 बार रक्तदान करने वाले स्वयंसेवकों और निःक्षय मित्रों को सम्मानित किया.
यूपी बनेगा स्वास्थ्य और पोषण का अग्रणी राज्य
सीएम योगी ने कहा कि यह 15 दिवसीय अभियान विजयादशमी तक चलेगा, जिसमें यूपी स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनेगा. स्कूल मर्जर के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन उपलब्ध कराए जाएंगे, और पोषण मिशन को और मजबूत किया जाएगा. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भव्य बनाया.
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