लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान की महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहे हैं. इस यात्रा के दौरान सीएम योगी न केवल इन देशों के विकास मॉडल से परिचित होंगे, बल्कि जापान में अत्याधुनिक रेल तकनीक का भी अनुभव करेंगे. इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य उत्तर प्रदेश में परिवहन क्षेत्र के विकास और भविष्य की रेल तकनीकों के बारे में जानकारी हासिल करना है.
मैग्लेव ट्रेन में करेंगे सफर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान के दौरे के दौरान मैग्लेव ट्रेन की सवारी करेंगे, जो एक क्रांतिकारी तकनीक से लैस है. यह ट्रेन चुंबकीय शक्ति के सहारे पटरी से ऊपर तैरते हुए चलती है और हवा में तैरते हुए अत्यधिक गति पकड़ सकती है. सीएम योगी इस 100 किमी की परीक्षण यात्रा में भाग लेंगे, जो ट्रेन की 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने की क्षमता का प्रदर्शन करेगी. जापान में इस समय टोक्यो से नागोया के बीच मैग्लेव कॉरिडोर के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है, और इसे 2027 तक पूरा करने की योजना है. यह यात्रा मुख्यमंत्री के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, जिससे वे उत्तर प्रदेश के परिवहन ढांचे के लिए नई प्रेरणा प्राप्त कर सकते हैं.
सिंगापुर और जापान में क्या रहेगा मुख्य फोकस?
सीएम योगी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना है. जापान और सिंगापुर दोनों देशों के पास परिवहन क्षेत्र में उच्च तकनीकी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिनसे उत्तर प्रदेश अपने विकास के लिए मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है. सिंगापुर में सीएम योगी शहरी परिवहन, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और आधुनिक ट्रांजिट सिस्टम से जुड़ी योजनाओं का अध्ययन करेंगे.
सीएम योगी का विशेष पहनावा और सांस्कृतिक दर्शन
सीएम योगी आदित्यनाथ की इस यात्रा में एक और दिलचस्प पहलू यह है कि वह भगवा वस्त्र पहनकर सिंगापुर और जापान यात्रा पर जा रहे हैं. यह पहली बार है जब किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने विदेशी यात्रा के दौरान भगवा वस्त्र पहने हैं, जो उनके धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. जापान में वह हनुमान मंदिर में भी दर्शन करने जाएंगे, जो उनके आध्यात्मिक दृष्टिकोण को और मजबूत करता है.
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