नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सुंदरता का दीदार करने के लिए हर साल बड़ी संख्या में दुनियाभर के पर्यटक आते हैं. लाल किला, इंडिया गेट, कुतुब मीनार, लोटस टैंपल, अक्षरधाम मंदिर जैसे पर्यटक स्थल आकर्षण का केंद्र हैं. वहीं दूसरी तरफ तीन बदबूदार कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ सिर दर्द बने हुए हैं. इनमें ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट्स शामिल हैं. दिल्ली सरकार इन्हें खत्म करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने की योजना साझा की है. उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से खास बातचीत में की है और बताया कि दिल्ली सरकार किस तरह कूड़े के पहाड़ों को खत्म करेगी. सीएम रेखा गुप्ता का कहना है कि सरकार इन पहाड़ों को हटाने के लिए पूरी शिद्दत से काम कर रही है और जल्द ही दिल्ली की जनता को इस समस्या से बड़ी राहत मिलेगी.
सीएम रेखा गुप्ता ने साझा की योजना
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर जमा ‘लीगेसी वेस्ट’ यानी सालों पुराने कचरे को साफ करने का काम बड़े स्तर पर जारी है. सरकार को पूरी उम्मीद है कि 2026 के अंत तक इन दोनों साइट्स से पुराने कचरे को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. इस कचरे में सालों से जमा मिट्टी, प्लास्टिक, कांच और धातुओं जैसी चीजें शामिल हैं जिन्हें अलग-अलग करके प्रोसेस किया जा रहा है.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इसे पूरी तरह साफ करने में अभी करीब दो साल का समय और लग सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली में रोजाना पैदा होने वाले कचरे के 100 प्रतिशत निपटान के लिए नए प्लांट्स की क्षमता बढ़ाई जा रही है. कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसके सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है ताकि भविष्य में नए ढेर न बनें.
बायोगैस प्लांट हुआ शुरू
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने वेस्ट मैनेजमेंट पर ठोस काम नहीं किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली का पहला बायोगैस प्लांट उनकी सरकार के समय शुरू हुआ है. वर्तमान में 200 टन गोबर प्रोसेस करने वाला प्लांट चालू हो चुका है और 400 टन क्षमता वाले अन्य प्लांट भी इसी साल के अंत तक सक्रिय हो जाएंगे.
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