MP Samadhan Yojana: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत योजना की शुरुआत की है. "समाधान योजना 2025-26" के तहत, बिजली बिलों के बकायेदारों को भारी छूट का लाभ मिलेगा. यह योजना विशेष रूप से उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए बनाई गई है जिन पर बिजली बिलों का पुराना बकाया है. इस योजना का विधिवत शुभारंभ आज सुबह एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी मौजूद थे.
उपभोक्ताओं को मिल रही विशेष छूट
समाधान योजना 2025-26 के तहत बिजली बिलों पर सरचार्ज में बड़ी छूट दी गई है. योजना का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है जिन पर बिजली बिलों का बकाया लंबित है. इस योजना के अंतर्गत, 3 नवंबर से 28 फरवरी, 2026 तक, बिजली बिल के बकायेदारों को सरचार्ज में 60% से लेकर 100% तक की छूट मिलेगी. पहले चरण में 3 नवंबर से 31 दिसंबर तक यह छूट उपलब्ध होगी, जबकि दूसरे चरण में 1 जनवरी से 28 फरवरी तक उपभोक्ताओं को 50% से 90% तक छूट का लाभ मिलेगा. यह पहल सरकार की ओर से बिजली बिलों की देनदारी को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए की गई है.
बिजली की उपलब्धता और राहत की गारंटी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए बताया कि यह योजना प्रदेश के लगभग 92 लाख बकायेदार बिजली उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगी. इस योजना के तहत 3 हजार करोड़ रुपये तक के सरचार्ज पर छूट दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवंबर महीने से बिजली की मांग में वृद्धि होने की संभावना है, लेकिन किसानों को कम से कम 10 घंटे बिजली की आपूर्ति अनिवार्य रूप से की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश में सबसे सस्ती बिजली मिल रही है और राज्य सरकार ने किसानों के लिए 18 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया है.
मध्य प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ते कदम
सीएम ने राज्य में बिजली के भविष्य के बारे में भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि 2040 तक मध्य प्रदेश में कुल खपत का 50% रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा किया जाएगा. इस पहल के माध्यम से राज्य को पर्यावरणीय लाभ के साथ-साथ ऊर्जा के सस्ते और स्थिर स्रोत मिलेंगे.
किसानों के लिए विशेष योजनाएँ और सब्सिडी
किसानों के लिए भी इस योजना में विशेष प्रावधान किए गए हैं. राज्य सरकार ने इस साल किसानों को बिजली सब्सिडी के रूप में 18 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग देने का ऐलान किया है. यह कदम प्रदेश के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों को बिजली संकट से राहत देने के लिए उठाया गया है.
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