Census 2027: नाम से लेकर आधार और जाति तक, जनगणना में पूछे जाएंगे वाले 40 सवाल, नोटिफिकेशन जारी

Census 2027: Census 2027 की 40 सवालों वाली प्रश्नावली जारी हो गई है. इसमें नाम, उम्र, धर्म, जाति, शिक्षा, रोजगार और प्रवास के साथ कोविड वैक्सीन, बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, आधार और वोटर आईडी जैसी जानकारियां भी मांगी जाएंगी.

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Census 2027: भारत की अगली जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. केंद्र सरकार ने जनसंख्या गणना के दूसरे चरण के लिए प्रश्नावली जारी कर दी है, जिसमें कुल 40 सवाल शामिल हैं. इस बार की जनगणना कई वजहों से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. आजाद भारत में पहली बार जाति से संबंधित जानकारी भी आधिकारिक जनगणना के आंकड़ों में शामिल की जाएगी. इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की तैयारी है, जिससे देश की आबादी, सामाजिक संरचना, शिक्षा, रोजगार और प्रवास से जुड़ी जानकारी का व्यापक डेटाबेस तैयार किया जा सके.

बर्फीले क्षेत्रों से शुरू होगी जनसंख्या गणना

जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की शुरुआत देश के सभी हिस्सों में एक साथ नहीं होगी. लद्दाख के साथ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से प्रभावित क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच पूरी की जाएगी. इन क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पहले गणना कराने का निर्णय लिया गया है.

घर-घर जाकर गणना शुरू होने से पहले लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प भी दिया जाएगा. इसके लिए 17 अगस्त से 31 अगस्त तक लोग खुद अपना फॉर्म ऑनलाइन भर सकेंगे. देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना अगले साल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी.

पहली बार जनगणना में दर्ज होंगे जातिगत आंकड़े

इस जनगणना की सबसे बड़ी विशेषताओं में जाति से जुड़े आंकड़ों का संग्रह शामिल है. स्वतंत्र भारत में पहली बार सामान्य जनगणना प्रक्रिया के दौरान जातिगत जानकारी जुटाई जाएगी. इससे देश की सामाजिक संरचना को समझने के लिए एक व्यापक आधिकारिक डेटाबेस तैयार होने की उम्मीद है.

जाति के साथ-साथ धर्म, भाषा, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी भी प्रश्नावली का हिस्सा होगी. इन आंकड़ों से देश की जनसांख्यिकीय तस्वीर को अधिक विस्तार से समझने में मदद मिल सकती है.

नाम से लेकर वैवाहिक स्थिति तक की जानकारी

प्रश्नावली की शुरुआत व्यक्ति की सामान्य पहचान से जुड़े सवालों से होगी. इसमें नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि और उम्र जैसी जानकारी मांगी जाएगी. इसके बाद वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय उम्र और पति या पत्नी के नाम से जुड़े सवाल भी होंगे.

राष्ट्रीयता, धर्म और जाति से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी. इसके अलावा पिता और माता से जुड़ी जानकारी तथा दिव्यांगता की स्थिति के बारे में भी सवाल पूछा जाएगा.

भाषा और शिक्षा की भी होगी जानकारी

नई जनगणना में देश की भाषाई और शैक्षणिक स्थिति को समझने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. लोगों से उनकी मातृभाषा और उनके द्वारा बोली या समझी जाने वाली अन्य भाषाओं के बारे में जानकारी ली जाएगी.

साक्षरता और डिजिटल साक्षरता से जुड़े सवाल भी प्रश्नावली में शामिल हैं. इसके अलावा यह पूछा जाएगा कि व्यक्ति वर्तमान में किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं. उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और पढ़ाई के विषय या स्ट्रीम की जानकारी भी दर्ज की जाएगी.

रोजगार और कामकाज से जुड़े सवाल होंगे अहम

जनगणना के दौरान लोगों की आर्थिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी. इसमें यह पूछा जाएगा कि व्यक्ति ने पिछले एक साल के दौरान किसी तरह का आर्थिक काम किया है या नहीं. इसके बाद काम की प्रकृति, मुख्य व्यवसाय या पेशा और उद्योग, व्यापार या सेवा के क्षेत्र से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी.

व्यक्ति नियोक्ता है, कर्मचारी है या स्व-रोजगार से जुड़ा है, यह भी दर्ज किया जाएगा. जो लोग काम नहीं कर रहे हैं, उनसे उनकी गैर-आर्थिक गतिविधि के बारे में जानकारी ली जाएगी. काम की तलाश करने वाले या काम के लिए उपलब्ध लोगों से जुड़े सवाल भी प्रश्नावली का हिस्सा हैं.

काम पर जाने में कितना समय लगता है, यह भी पूछा जाएगा

जनगणना में पहली बार की तरह इस बार भी लोगों के आवागमन और रोजगार से जुड़ी जानकारी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. व्यक्ति अपने कार्यस्थल तक किस माध्यम से पहुंचता है और उसे कितनी दूरी तय करनी पड़ती है, इससे संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी. इस तरह के आंकड़े शहरों में रोजगार के केंद्रों, परिवहन व्यवस्था और कामकाजी आबादी के आवागमन को समझने में मदद कर सकते हैं.

जन्मस्थान और पलायन की भी ली जाएगी जानकारी

देश में आंतरिक प्रवास यानी एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर बसने की स्थिति को समझने के लिए जनगणना में कई सवाल रखे गए हैं. व्यक्ति का जन्मस्थान, वर्तमान स्थान से पहले का अंतिम निवास और वहां से स्थान बदलने का कारण पूछा जाएगा.

इसके अलावा यह भी दर्ज किया जाएगा कि व्यक्ति अपने वर्तमान गांव या शहर में कितने समय से रह रहा है. स्थायी आवासीय पते की जानकारी भी प्रश्नावली में शामिल है. इन आंकड़ों से देश में रोजगार, शिक्षा, विवाह और अन्य कारणों से होने वाले प्रवास की तस्वीर सामने आने में मदद मिलेगी.

महिलाओं से परिवार और मातृत्व से जुड़े सवाल

विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं से उनके बच्चों से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी. इसमें वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या और कुल जीवित जन्मे बच्चों की संख्या जैसे सवाल शामिल हैं.

विवाहित महिलाओं से पिछले एक वर्ष के दौरान जन्मे बच्चों की संख्या भी पूछी जाएगी. इन आंकड़ों के जरिए देश में प्रजनन दर और जनसंख्या से जुड़े बदलावों को समझने में सहायता मिल सकती है.

आधार, मोबाइल और बैंक खाते की जानकारी भी प्रश्नावली में

प्रश्नावली में कुछ ऐसे सवाल भी हैं जो लोगों की डिजिटल और वित्तीय पहुंच से जुड़े हैं. इसमें कुल बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर और आधार नंबर जैसी जानकारी शामिल है. मोबाइल, आधार और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होने की स्थिति में मांगी जाएगी. इसके अलावा वोटर आईडी नंबर, भारतीय पासपोर्ट होने पर उसका नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध होने से संबंधित जानकारी भी प्रश्नावली में

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