MSP Hike: रबी सीजन की बुवाई से पहले किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होने वाली है, जिसमें किसानों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है. सबसे ज्यादा नजर रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में संभावित बढ़ोतरी पर है.
छह रबी फसलों की MSP बढ़ाने पर हो सकता है फैसला
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए छह फसलों के MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दे सकती है. इन फसलों में गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम शामिल हैं. हालांकि, अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा. सरकार हर साल बुवाई के मौसम से पहले प्रमुख फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है, ताकि किसानों को उनकी उपज के लिए एक तय मूल्य का आधार मिल सके. ऐसे में अगर इस बार MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है, तो इसका सीधा असर आगामी रबी सीजन में इन फसलों की खेती करने वाले किसानों पर पड़ सकता है.
अभी कितना है इन फसलों का MSP?
मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं का MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है. वहीं जौ के लिए यह 2,150 रुपये प्रति क्विंटल है. चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल और मसूर का MSP 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. इसके अलावा सरसों के लिए सरकार ने 6,200 रुपये प्रति क्विंटल का MSP निर्धारित किया है. कुसुम की बात करें तो इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,540 रुपये प्रति क्विंटल है. अब किसानों की नजर इस बात पर है कि आगामी रबी विपणन सीजन के लिए सरकार इन दरों में कितनी बढ़ोतरी करती है.
रबी सीजन की तैयारी पर कृषि मंत्री की सलाह
इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी रबी फसल सत्र को लेकर राज्य सरकारों को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से तैयारी करने की सलाह दी है. PTI की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने हालिया खरीफ सीजन में कुछ क्षेत्रों में सूखे और पानी की कमी जैसी परिस्थितियों को देखते हुए रबी की रणनीति पहले से तैयार करने पर जोर दिया. रबी मौसम की तैयारियों को लेकर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में कृषि मंत्री ने कहा कि रबी की योजना बनाते समय खरीफ सीजन की स्थिति को भी ध्यान में रखना जरूरी है. उनके मुताबिक, देश के कुछ हिस्सों में बारिश अच्छी हुई है, जबकि कई क्षेत्रों में बारिश औसत से कम रही है.
पानी की उपलब्धता देखकर फसल चुनने की सलाह
शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से कहा कि किसानों को क्षेत्र में पानी की उपलब्धता के हिसाब से फसल का चयन करना चाहिए. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किसान बिना उचित योजना के किसी फसल की बुवाई न करें. सरकार की ओर से MSP पर संभावित फैसला और रबी सीजन की तैयारियों को लेकर दिए गए निर्देश ऐसे समय में आए हैं, जब किसान खरीफ के बाद अगली फसल की तैयारी में जुटने वाले हैं. अब कैबिनेट बैठक के बाद ही साफ होगा कि छह रबी फसलों के MSP में कितनी बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है.
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