‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’...मोदी के इस मंत्र पर टिका बजट सत्र 2026

Budget Session 2026: देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माने जाने वाला संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है. नए सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उस संबोधन से हुई.

Budget Session 2026 pm modi address parliament before session starts
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Budget Session 2026: देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माने जाने वाला संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है. नए सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उस संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने सेंट्रल हॉल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को संयुक्त रूप से संबोधित किया. बजट सत्र से पहले संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार के विजन और आगामी एजेंडे की झलक भी पेश की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार की कार्यशैली हमेशा “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” पर आधारित रही है. उन्होंने कहा कि अब देश ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की रफ्तार पकड़ चुका है और विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहा है. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का जिक्र करते हुए कहा कि सांसदों से जो अपेक्षाएं जताई गई हैं, उन्हें सभी ने गंभीरता से लिया होगा. उन्होंने इस सत्र को भविष्य के लिए बेहद निर्णायक बताते हुए कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब अगले 25 सालों की नींव रखी जा रही है, जो ‘2047 विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी.

आर्थिक सर्वे और बजट पर टिकी निगाहें

बजट सत्र के दौरान आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में आर्थिक सर्वे पेश करेंगी. यह दस्तावेज देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं का विस्तृत खाका पेश करता है और आगामी बजट के लिए दिशा तय करता है. इसके बाद 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी. यह उनका लगातार नौवां बजट होगा. ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, इस बजट से विकास को रफ्तार देने वाले बड़े ऐलानों की उम्मीद की जा रही है.

विपक्ष की मांगें और सरकार का रुख

बजट सत्र को लेकर विपक्षी दलों ने भी अपने तेवर साफ कर दिए हैं. उन्होंने VB-G RAM-G बिल और स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग उठाई है. हालांकि, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि ये विषय पहले ही शीतकालीन सत्र में उठाए जा चुके हैं, इसलिए मौजूदा सत्र में इन पर अलग से चर्चा की संभावना नहीं है. ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर तीखी बहस और राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिल सकती है.

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