PoK protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. प्रदर्शन और विरोध के बीच स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के चार प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया है. अधिकारियों का कहना है कि जो व्यक्ति इन नेताओं की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देगा, उसे 1 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का इनाम दिया जाएगा.
नेताओं की जानकारी देने वालों को मिलेगा इनाम
स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि प्रतिबंधित संगठन JAAC के कुछ नेताओं की गिरफ्तारी में मदद करने वाले लोगों को नकद इनाम दिया जाएगा. साथ ही यह भी कहा गया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्र में विरोध प्रदर्शनों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है और कई जगहों पर सुरक्षा बलों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें सामने आई हैं.
क्यों हो रहा है विरोध प्रदर्शन?
JAAC क्षेत्र का एक प्रमुख सामाजिक और जन आंदोलन से जुड़ा संगठन माना जाता है. संगठन ने जुलाई में होने वाले चुनावों से पहले विधानसभा की कुछ सीटों के आरक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे केवल सीटों के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, इंटरनेट बंदी और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर भी आवाज उठा रहे हैं.
JAAC पर लगाया गया प्रतिबंध
पिछले सप्ताह प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए JAAC पर प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि संगठन के सदस्यों ने इस फैसले का विरोध किया है और इसे अपने खिलाफ की गई कार्रवाई बताया है. प्रतिबंध के बाद भी कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है.
भारत ने जताई चिंता
भारत ने PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए और हालात पर नजर रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों के अधिकारों और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है.
मानवाधिकार संगठनों ने भी उठाए सवाल
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने भी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हालात पर चिंता व्यक्त की है. आयोग ने हिंसा, अत्यधिक बल प्रयोग और इंटरनेट सेवाओं पर रोक जैसे कदमों पर सवाल उठाए हैं.
आयोग का कहना है कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए.
तनावपूर्ण बने हुए हैं हालात
फिलहाल PoK में हालात सामान्य नहीं हैं. विरोध प्रदर्शन, गिरफ्तारियां और प्रशासनिक कार्रवाई के कारण क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
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