काले कवर में छिपाकर भारत लाई गई जिनपिंग की कार, राष्ट्रपति के आने पर हटाया गया पर्दा, क्या है इसकी वजह?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंच चुके हैं. उनके दिल्ली पहुंचने से एक दिन पहले उनकी आधिकारिक कार की कुछ तस्वीरें सामने आईं, जिसमें गाड़ी को बड़े काले कवर से ढका गया था.

Why was Xi Jinpings car brought to India hidden under a black cover
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Xi Jinping Car: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंच चुके हैं. उनके दिल्ली पहुंचने से एक दिन पहले उनकी आधिकारिक कार की कुछ तस्वीरें सामने आईं, जिसमें गाड़ी को बड़े काले कवर से ढका गया था. कार को दिल्ली की सड़कों पर इसी कवर के साथ ले जाते हुए देखा गया. हालांकि, जब शी जिनपिंग भारत पहुंचे और उनका काफिला सड़कों पर निकला तो उनकी कार बिना कवर के नजर आई. इसके बाद सवाल उठने लगा कि आखिर कार को भारत लाने से पहले इस तरह क्यों ढका गया था.

काले कवर में क्यों लाई गई कार?

शी जिनपिंग की आधिकारिक कार को दिल्ली लाने के दौरान बड़े काले सुरक्षा कवर में रखा गया था. यह कोई अचानक की गई व्यवस्था नहीं थी. विदेशी दौरों पर राष्ट्राध्यक्षों की आधिकारिक गाड़ियों को अलग से लाया जाता है और सफर के दौरान उन्हें कवर से ढककर रखना सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था का हिस्सा होता है.

कवर लगाने का एक मकसद गाड़ी को धूल, बारिश और रास्ते में होने वाले किसी नुकसान से बचाना हो सकता है. इसके अलावा ऐसी बेहद सुरक्षित सरकारी गाड़ियों को ट्रांसपोर्ट के दौरान लोगों की नजरों से दूर रखना भी इसका एक कारण हो सकता है. इसलिए सिर्फ काले कवर में गाड़ी दिखाई देने को किसी बड़े सुरक्षा खतरे से जोड़ना सही नहीं होगा.

जिनपिंग के बैठने से पहले हट गया कवर

शी जिनपिंग जब 12 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचे तो उनकी आधिकारिक कार कवर में नहीं थी. स्वागत के दौरान और काफिले के सड़क पर निकलने के समय गाड़ी सामान्य स्थिति में दिखाई दी. इससे पता चलता है कि कवर कार के इस्तेमाल के लिए नहीं, बल्कि उसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के दौरान लगाया गया था.

ऐसी व्यवस्था सिर्फ भारत में नहीं देखी गई है. इससे पहले शी जिनपिंग की मलेशिया यात्रा के दौरान भी उनकी आधिकारिक कार को काले सुरक्षा कवर के अंदर ले जाते हुए देखा गया था.

शी जिनपिंग किस कार से चलते हैं?

शी जिनपिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली आधिकारिक लिमोजिन Hongqi N701 है. इसे चीन की कंपनी FAW के Hongqi ब्रांड ने तैयार किया है. Hongqi का चीन के राजनीतिक नेतृत्व से काफी पुराना संबंध है. साल 1958 में फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स ने इसे चीन के कम्युनिस्ट पार्टी नेतृत्व के आधिकारिक वाहनों के तौर पर विकसित किया था.

बाद में यह ब्रांड चीन के शीर्ष नेताओं और बड़े सरकारी कार्यक्रमों से जुड़ गया. N701 को राष्ट्रपति स्तर के इस्तेमाल के लिए तैयार की गई बेहद सुरक्षित सरकारी कार माना जाता है. विदेश यात्राओं में भी चीन अपने शीर्ष नेता के लिए देश में बनी इसी तरह की आधिकारिक कारों को इस्तेमाल करता है.

ताज होटल में ठहरेंगे जिनपिंग

शी जिनपिंग के भारत दौरे को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, शी जिनपिंग नई दिल्ली के ताज होटल की पांचवीं मंजिल पर ठहरेंगे. बताया जा रहा है कि उनके साथ करीब 400 लोग भारत पहुंचे हैं. इनमें उनका प्रतिनिधिमंडल और चीन के यात्रा से जुड़े अधिकारी शामिल हैं.

सात साल बाद भारत आए हैं शी जिनपिंग

शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आए हैं. वह 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं. 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.

शी जिनपिंग का यह दौरा भारत और चीन के रिश्तों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. साल 2020 में गलवान में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी तनाव आया था. अब दोनों देश रिश्तों को धीरे-धीरे सामान्य और स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं.