अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों को लेकर विश्वभर में विवाद बढ़ता जा रहा है. जहां कई देशों को उनके टैरिफ बढ़ाने के फैसलों से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं कुछ देश इन नीतियों का सख्त विरोध भी कर रहे हैं. ऐसे में ब्राजील ने भी ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. भारत, चीन और ब्राजील पर ट्रंप द्वारा लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को कई देशों ने ‘अनुचित और दंडात्मक’ करार दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार में तनाव गहराता जा रहा है.
ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इस नीति को स्वीकार नहीं किया है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे ट्रंप के टैरिफ फैसलों के सामने नहीं झुकेंगे और बातचीत में भी ऐसे मुद्दों को प्राथमिकता नहीं देंगे. इसके बजाय, उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंध बनाए रखने को महत्व दिया है.
जिनपिंग से फोन पर हुई बात
7 अगस्त को ब्राजील और भारत के बीच टेलीफोन पर हुई वार्ता में दोनों नेताओं ने व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की सहमति जताई. साथ ही, उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया. प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बातचीत को भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.
एक घंटे तक हुई बातचीत
इसी कड़ी में, मंगलवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी फोन पर विस्तृत चर्चा की. दोनों नेताओं ने करीब एक घंटे तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ा ताजा हालात भी शामिल था. उन्होंने जी-20 और ब्रिक्स जैसे मंचों के माध्यम से बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर सहमति जताई. शी जिनपिंग ने इस दौरान कहा कि चीन ब्राजील के साथ मिलकर ग्लोबल साउथ देशों के बीच एकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना चाहता है.
एक दूसरे के साथ सहयोग को बढ़ावा
ब्राजील की यह कूटनीतिक पहल विश्व के बदलते व्यापार और राजनीतिक समीकरणों को दर्शाती है, जहां प्रमुख विकासशील देश आपस में मिलकर वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं. ट्रंप की टैरिफ नीति के बावजूद, इन देशों ने अपने साझा हितों को प्राथमिकता देते हुए एक-दूसरे के साथ सहयोग को बढ़ावा देना जारी रखा है.
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