Radhika Apte On South Film Industry: बॉलीवुड की बेबाक और दमदार अदाकारा राधिका आप्टे एक बार फिर अपने स्पष्ट बयानों को लेकर चर्चा में हैं. अपनी हालिया रिलीज सीरीज ‘साली मोहब्बत’ और फिल्म ‘रात अकेली है- द बंसल मर्डर्स’ की सफलता के बीच राधिका ने अपने करियर से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री के एक अलग पहलू पर रोशनी डाली है. इस बार उनका बयान साउथ फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के दौरान मिले अनुभवों को लेकर है, जहां उन्होंने असहज हालात और मानसिक दबाव का सामना करने की बात कही है.
एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेता दिव्येंदु शर्मा से बातचीत करते हुए राधिका आप्टे ने खुलकर स्वीकार किया कि उन्होंने अपने करियर के एक दौर में आर्थिक जरूरतों के चलते कुछ साउथ इंडियन फिल्में साइन की थीं. उन्होंने यह भी साफ किया कि साउथ इंडस्ट्री में बेहतरीन सिनेमा बनता है और वहां कई शानदार फिल्ममेकर मौजूद हैं. राधिका ने कहा कि वह किसी एक इंडस्ट्री को लेकर सामान्यीकरण नहीं करना चाहतीं, क्योंकि हर जगह अच्छे और बुरे अनुभव दोनों होते हैं.
शूटिंग के दौरान अकेली महिला होने का एहसास
राधिका ने एक साउथ फिल्म की शूटिंग का जिक्र करते हुए बताया कि वह एक छोटे से कस्बे में शूट कर रही थीं, जहां सेट पर वह अकेली महिला थीं. न उनके साथ कोई मैनेजर था और न ही कोई एजेंट. पूरी यूनिट पुरुषों से भरी हुई थी. इसी दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि एक महिला कलाकार होने के नाते वह कितनी असुरक्षित और अकेली स्थिति में थीं.
उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान उनसे जबरन ज्यादा “पैडिंग” लगाने को कहा गया, जिससे वह बेहद असहज महसूस करने लगीं. राधिका के अनुसार, उन्हें बार-बार कहा जा रहा था कि उनकी बॉडी पर और पैडिंग की जाए, जबकि वह पहले से ही इससे सहमत नहीं थीं.
विरोध करने पर भी नहीं मिली सहजता
राधिका ने आगे कहा कि जब उन्होंने इस बात का विरोध किया और डायरेक्टर से साफ मना कर दिया, तब भी माहौल उनके लिए सहज नहीं हो पाया. अकेली महिला होने और पूरी टीम के पुरुष होने की वजह से उन्हें पहली बार यह एहसास हुआ कि इंडस्ट्री में महिलाओं को किन-किन स्तरों पर संघर्ष करना पड़ता है. उन्होंने इस अनुभव को अपने करियर के सबसे चौंकाने वाले पलों में से एक बताया.
साउथ फिल्मों में राधिका का काम
काम की बात करें तो राधिका आप्टे ने साउथ इंडियन सिनेमा में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है. वह तमिल फिल्मों ‘ऑल इन ऑल अझगु राजा’, ‘वेट्री सेल्वन’ और सुपरस्टार रजनीकांत के साथ ‘कबाली’ जैसी चर्चित फिल्मों में नजर आ चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने तेलुगु सिनेमा में नंदामुरी बालकृष्ण के साथ फिल्म ‘लीजेंड’ में भी काम किया है.
इंडस्ट्री के लिए जरूरी बहस
राधिका आप्टे का यह बयान सिर्फ उनके निजी अनुभव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और कार्यस्थल के माहौल को लेकर एक जरूरी बहस को भी जन्म देता है. एक स्थापित अभिनेत्री होने के बावजूद अगर उन्हें ऐसे हालातों से गुजरना पड़ा, तो नए कलाकारों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है.
अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली राधिका आप्टे एक बार फिर यह साबित करती हैं कि वह सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी सच्चाई के साथ खड़ी रहने वाली कलाकार हैं.
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