नई दिल्ली: राजधानी में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच लगातार तेज़ की जा रही है. इस मामले में एक नया सनसनीखेज खुलासा सामने आया है. गुरुवार को दिल्ली के न्यू लाजपत राय मार्केट क्षेत्र से एक बॉडी पार्ट बरामद हुआ है, जिसे फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने कब्जे में लिया है. इस टुकड़े की जांच जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह लाल किले ब्लास्ट मामले में अहम सुराग दे सकता है.
फिलहाल मौके पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने क्षेत्र का पूरी तरह से निरीक्षण किया. आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि यह कदम दिल्ली में बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए लिया गया है.
फोरेंसिक जांच में बड़ी पुष्टि
जांच अधिकारियों के मुताबिक, बॉडी पार्ट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि चल रही जांच में मदद मिल सके. कार से मिले बॉडी पार्ट की डीएनए जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि यह लाल किले के पास कार ब्लास्ट करने वाले डॉ. उमर उन नबी का हिस्सा है. जांच में यह भी सामने आया कि उनके पैतृक बायोलॉजिकल सैंपल से डीएनए मिलान किया गया.
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उमर की गाड़ी में धमाका उस समय हुआ था, जब आसपास भारी ट्रैफिक था. धमाके के कारण कई अन्य वाहन और उनके यात्री भी ब्लास्ट की चपेट में आए.
ब्लास्ट के पीछे की योजना और फंडिंग
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, इस ब्लास्ट के पीछे डॉक्टर मुजम्मिल, डॉक्टर अदील और शाहीन का सहयोग रहा. आरोपियों ने कथित तौर पर लगभग 20 लाख रुपए इकट्ठा किए थे, जो बाद में डॉ. उमर को सौंपे गए.
सूत्रों के अनुसार, इस समूह ने हरियाणा के गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से लगभग 3 लाख रुपए मूल्य का एनपीके उर्वरक खरीदा, जिसका इस्तेमाल IED बनाने के लिए किया गया. इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आरोपी उमर ने अपने दो से चार सहयोगियों के लिए सिग्नल ऐप का निजी चैट नेटवर्क बनाया था, ताकि बातचीत सुरक्षित और गुप्त रहे.
धमाके से पहले की गतिविधियाँ
जांच में यह भी पता चला कि डॉ. उमर ने ब्लास्ट से पहले निकटतम मस्जिद में 10 मिनट से अधिक समय तक रुका. इसके बाद वह लाल किले की ओर गया. धमाके के समय उमर ने अपनी गाड़ी समेत पूरे क्षेत्र को उड़ा दिया.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हमला सावधानीपूर्वक और विस्तृत योजना के तहत अंजाम दिया गया था. धमाके के दौरान भारी भीड़ और ट्रैफिक की वजह से कई अन्य वाहन और लोग भी प्रभावित हुए.
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