जाफर एक्सप्रेस हाईजैक: कब से 'बदला' लेने की फिराक में था BLA? जानिए चीन-पाकिस्तान के खिलाफ नफरत की वजह

बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर 182 यात्रियों को बंधक बना लिया.

BLA was planning to take revenge reason behind terror against China-Pakistan
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

बलूचिस्तान में दशकों से ज्वाला बना असंतोष हालिया समय में एक बार फिर से उग्र रूप में सामने आया है. बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) और अन्य अलगाववादी संगठनों ने हाल ही में जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर 182 यात्रियों को बंधक बना लिया. यह हमला पाकिस्तान और चीन के बढ़ते आर्थिक संबंधों के संदर्भ में हुआ, जिसे बलूचिस्तान में स्थानीय असंतोष के एक बड़े कारण के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 80 बंधकों को मुक्त कर लिया, जिनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी शामिल थे.

चीन-पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से का कारण

चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) के विरोध के रूप में बलूच विद्रोहियों ने वर्षों से संघर्ष की राह अपनाई है. उनका आरोप है कि इस परियोजना के माध्यम से चीन बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहा है, जबकि स्थानीय लोगों को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा. CPEC के तहत पाकिस्तान और चीन के बीच हुए कई बड़े समझौतों ने बलूचिस्तान में असंतोष को और बढ़ावा दिया है. इन परियोजनाओं के चलते स्थानीय समुदायों का मानना है कि उन्हें अपनी ज़मीन और संसाधनों से वंचित किया जा रहा है.

बलूच विद्रोहियों का गुस्सा चीन के साथ-साथ पाकिस्तान सरकार के खिलाफ भी बढ़ता जा रहा है. चीन के खिलाफ उनकी नाराजगी का एक मुख्य कारण यह है कि बलूच लोग मानते हैं कि चीनी निवेश, जैसे कि मोबाइल टावर और निर्माण परियोजनाएं, उनके क्षेत्र में जासूसी और अन्य रणनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल हो रही हैं. इसके अलावा, स्थानीय बलूच नागरिकों को इन परियोजनाओं से कोई फायदा नहीं होने के कारण उनका विरोध और भी गहरा गया है.

विद्रोही समूहों ने कई हमले किए

पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते आर्थिक गठजोड़ और CPEC की शुरुआत के बाद से बलूच विद्रोहियों का विरोध भी तेज़ हो गया. यह गठजोड़ बलूचिस्तान में स्थित खनिज संसाधनों का दोहन करने और क्षेत्रीय शक्ति के समग्र खेल में चीनी उपस्थिति बढ़ाने के रूप में देखा जाता है. इसी कारण बलोच लिबरेशन आर्मी और अन्य विद्रोही समूहों ने कई हमले किए हैं, जिनमें चीनी श्रमिकों और इंजीनियरों को निशाना बनाना प्रमुख रहा है.

हालात और गंभीर हो गए हैं, जब पाकिस्तान की सेना ने इस क्षेत्र में विद्रोहियों के खिलाफ एक कठोर ऑपरेशन शुरू किया है. कई जंगी विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं, जबकि बलोच विद्रोहियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सेना की कार्रवाई जारी रही, तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा.

BLA के हमले और संघर्ष की शुरुआत 2011 में हुई थी, जब इस संगठन ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमला किया था, जिससे कई सैनिकों की मौत हुई थी. इसके बाद बलोच विद्रोही समूह ने पाकिस्तानी राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों को भी अपना निशाना बनाया. 2018 में कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले ने चीन-पाकिस्तान संबंधों में तनाव पैदा कर दिया था.

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