अजब-गजब! बिजनौर में 72 घंटे से कुत्ता कर रहा बजरंगबली की परिक्रमा, वजह जानकर आप भी करेंगे ताज्जुब

    उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक अनोखी घटना घटित हो रही है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है. 11 जनवरी 2026 से नगीना तहसील के एक गांव नंदपुर में एक कुत्ता लगातार हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा कर रहा है.

    Bijnor dog has been circumambulating Bajrangbali for 72 hours unusual animal behavior
    Image Source: Social Media

    उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक अनोखी घटना घटित हो रही है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है. 11 जनवरी 2026 से नगीना तहसील के एक गांव नंदपुर में एक कुत्ता लगातार हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा कर रहा है. 72 घंटे से लगातार हो रही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. लोग इसे एक चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे धार्मिक भक्ति का रूप बता रहे हैं. तो क्या यह सच में चमत्कार है, या फिर इसके पीछे कोई विज्ञान से समझी जाने वाली वजह है?

    क्या है यह घटना और क्यों चर्चा में है?

    नंदपुर गांव के प्राचीन हनुमान मंदिर के पास यह कुत्ता बिना रुके हनुमान जी की मूर्ति के आसपास चक्कर लगा रहा है. सबसे अजीब बात यह है कि कुत्ता इस दौरान न तो कुछ खा रहा है और न ही पानी पी रहा है. मंदिर परिसर में भारी भीड़ इकट्ठी हो चुकी है, और लोग इसे देख कर आश्चर्यचकित हैं. कुछ लोग इसे भैरव बाबा का अवतार मान कर पूजा भी करने लगे हैं. अब सवाल उठता है कि क्या साइंस इस घटना को समझा सकती है?

    साइंस इस पर क्या कहती है?

    यह घटना निश्चित रूप से रहस्यमयी लग रही है, लेकिन क्या यह सिर्फ एक भ्रम या असामान्य व्यवहार है, जिसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझा जा सकता है? आइए जानते हैं उन कारणों के बारे में, जो साइंस इस तरह के व्यवहार के लिए मान सकती है:

    फ्रैनेटिक रेंडम एक्टिविटी पीरियड्स (FRAPs)

    साइंस इसे फ्रैनेटिक रेंडम एक्टिविटी पीरियड्स (FRAPs) कहती है, जो कुत्तों में अचानक ऊर्जा का प्रवाह होता है. इस दौरान कुत्ता तेजी से चक्कर लगाता है, लेकिन यह आमतौर पर कुछ मिनटों तक होता है. हालांकि, अगर कुत्ता युवा और ऊर्जावान है, तो यह गतिविधि लंबे समय तक चल सकती है. इसलिए, यह कुत्ते का चक्कर लगाना एक सामान्य व्यवहार हो सकता है, लेकिन 72 घंटे तक चलना सामान्य नहीं है.

    ऑब्सेसिव कंपलसिव डिसऑर्डर (OCD)

    कुत्तों में भी इंसानों की तरह ऑब्सेसिव कंपलसिव डिसऑर्डर (OCD) हो सकता है. जब कुत्ता तनाव महसूस करता है, या बोरियत की स्थिति में होता है, तो वह एक ही जगह पर घंटों चक्कर काटता रहता है. इसे ‘स्टीरियोटाइपिक व्यवहार’ कहा जाता है. इस तरह के व्यवहार में कुत्ता अपनी पूंछ पकड़ने के लिए घूमता है या एक ही रास्ते पर बार-बार चलता है. यह किसी तरह का तनाव से बचने का तरीका हो सकता है.

    कैनाइन कोग्निटिव डिस्फंक्शन (CCD)

    उम्रदराज कुत्तों में कैनाइन कोग्निटिव डिस्फंक्शन (CCD) या अल्जाइमर की समस्या हो सकती है. इस स्थिति में कुत्ता भ्रमित हो जाता है और वह बिना उद्देश्य के घंटों तक चक्कर लगाता रहता है. यह उस कुत्ते के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को दर्शाता है, जिसमें कुत्ता सही समय पर रुकने में सक्षम नहीं होता.

    न्यूरोलॉजिकल समस्याएं और शारीरिक कारण

    अगर कुत्ता लंबे समय तक एक ही दिशा में चक्कर लगाता है, तो यह मस्तिष्क में किसी प्रकार की समस्या का संकेत हो सकता है. ब्रेन ट्यूमर, संक्रमण या वेस्टिबुलर डिसऑर्डर की वजह से कुत्ता अपनी संतुलन क्षमता खो सकता है और चक्कर लगाने लगता है. अगर कुत्ता हांफता हुआ या घबराया हुआ दिखाई दे, तो यह शारीरिक या मानसिक तनाव का संकेत हो सकता है.

    ऊर्जा की अधिकता और मानसिक उत्तेजना की कमी

    अगर कुत्ते को पर्याप्त शारीरिक व्यायाम या मानसिक उत्तेजना नहीं मिलती है, तो वह अपनी बची हुई ऊर्जा को निकालने के लिए इस तरह के व्यवहार दिखा सकता है. यह उसकी खुशी का संकेत नहीं होता, बल्कि यह कष्ट या बीमारी का लक्षण हो सकता है. अगर कुत्ता चक्कर लगाते वक्त घबराया हुआ और थका हुआ महसूस कर रहा हो, तो यह किसी शारीरिक समस्या का संकेत हो सकता है.

    दुनिया में ऐसे और भी घटनाएं

    यह पहली बार नहीं है जब जानवरों ने धार्मिक स्थलों पर ऐसा असामान्य व्यवहार दिखाया है. 2017 में बांदा जिले में एक कुत्ता शिव मंदिर के पास रात भर परिक्रमा करता रहा. 2016 में कर्नाटक के पुट्टेनहल्ली गांव में एक कुत्ता सुबह से शाम तक मंदिर की परिक्रमा करता रहा. इन घटनाओं को भी लोग भक्ति या चमत्कार मानते थे, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक या चिकित्सा आधार नहीं था.

    चीन और रूस में हुए अद्भुत घटनाएं

    2022 में चीन के इनर मंगोलिया में सैकड़ों भेड़ें 12 दिनों तक परफेक्ट सर्कल में घूमती रहीं. इस घटना को लिस्टेरियोसिस या बैक्टीरियल संक्रमण से जोड़ा गया. इसी तरह की घटनाएं रूस और अन्य स्थानों पर भी देखी गईं, जहां गायें और भेड़ें घंटों तक सर्कल में घूमती रही. वैज्ञानिकों ने इसे बेजुबान जानवरों का एक असामान्य व्यवहार माना है, जिसका कोई शारीरिक कारण नहीं मिलता.

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